प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से पहले खत्म हुआ चानौत का जल आंदोलन, रैली में जाने का कर रखा था ऐलान
केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल ने चार इंची नई टी
लगाने का आश्वासन देकर किया ग्रामीणों को सहमत
हांसी, 15 जुलाई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र
मोदी के जींद दौरे से दो दिन पहले केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल की मध्यस्थता से क्षेत्र
के गांव चानौत में पिछले लगभग दो माह से चल रहा जल आंदोलन का मसला सुलझा लिया गया है।
इन ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में जाकर वहां पानी मांगने का ऐलान कर रखा,
जिसको देखते हुए सरकार व प्रशासन अलर्ट मोड में थे और उनका प्रयास था कि किसी तरह विवाद
का निपटारा हो जाए। इसी के चलते केन्द्रीय मंत्री मनोहर बुधवार दोपहर हांसी के विश्राम
गृह में पहुंचे और चानौत धरना कमेटी से बातचीत करके उन्हें चार इंची नई टी लगाने का
आश्वासन देते हुए धरना उठवाने पर राजी कर लिया।
राजनीतिक क्षेत्रों में यह मामला अब सुर्खियां
बनता जा रहा है। पिछले दिनों लगाई गई टी उखाड़ने, उसके बाद मुकदमे दर्ज करने, कार्यकारी
अभियंता द्वारा परियोजना की एनओसी न मिलने जैसी बातें कही जा रही थी, लेकिन केन्द्रीय
मंत्री मनोहर लाल के पहुंचने पर यह मामला सुलझ गया। हांसी के बरवाला रोड स्थित गांव चानौत में पिछले
61 दिनों से पेयजल के लिए आंदोलन चल रहा था। केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी मामलों
के मंत्री एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मौजूदगी में ग्रामीणों की
लंबे समय से चली आ रही मांग का समाधान करते हुए गांव के लिए मुख्य पेयजल पाइपलाइन से
चार इंच की नई टी (कनेक्शन) लगाने की मंजूरी दी गई। इसके बाद धरना समिति ने आंदोलन
समाप्त करने की घोषणा कर दी।
यहां के लोक निर्माण विश्रामगृह में आयोजित बैठक
और पत्रकार वार्ता में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ हरियाणा के लोक निर्माण एवं
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, हांसी
विधायक विनोद भयाना, उपायुक्त राहुल नरवाल, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सहित प्रशासनिक
अधिकारी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि गांव चानौत
की मुख्य मांग थी कि गांव के पास से गुजर रही मुख्य पेयजल पाइपलाइन से उसे भी जलापूर्ति
उपलब्ध कराई जाए। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के कारण पाइपलाइन कार्य में
तकनीकी बाधाएं भी सामने आई थीं। सरकार ने विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों से रिपोर्ट
लेने के बाद पाया कि मुख्य पाइपलाइन की क्षमता पर्याप्त है और चानौत को अतिरिक्त पानी
देने से अन्य गांवों की जलापूर्ति प्रभावित नहीं होगी।
बैठक में धरना समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि
यह मुद्दा लंबे समय से गांव की प्रमुख समस्या बना हुआ था। सरकार द्वारा चार इंच की
नई टी लाइन को मंजूरी मिलने से ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। उन्होंने
सरकार और प्रशासन के आश्वासन पर विश्वास जताते हुए धरना समाप्त करने की घोषणा की।
धरना समिति के सदस्य अनूप और पूर्व सरपंच सत्यवान
ने इसे ग्रामीणों के लंबे, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने
कहा कि गांव में जल्द ही आमसभा बुलाकर धरना समाप्त करने की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर