हरियाणा में स्वतंत्रता दिवस पर शुरू होंगी पांच अमृत फार्मेसियां

 

किफायती दवाओं को मिलेगा बढ़वा, इम्प्लांट व सर्जिकल कंज्यूमेबल्स एमआरपी से आधी कीमत पर मिलेंगे

चंडीगढ़, 14 अगस्त (हि.स.)। स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक किफायती और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हरियाणा में पांच अमृत फार्मेसियां 15 अगस्त से कार्य करना शुरू करेंगी। इन फार्मेसियों के माध्यम से लोगों को गुणवत्तापूर्ण दवाएं काफी कम कीमत पर उपलब्ध होंगी, जिससे परिवारों पर उपचार के दौरान होने वाला जेब से खर्च कम करने में मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में बताया कि स्वतंत्रता दिवस से फतेहाबाद, हांसी, सिरसा, चरखी दादरी और हिसार में पांच अमृत फार्मेसियां कार्य शुरू कर देंगी। यह पहल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हर जिले में अमृत फार्मेसी स्थापित करने के विजन को जमीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत है। इसका उद्देश्य लोगों को अपने घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें दवाओं के लिए बड़े शहरों में जाने या महंगे दवा केंद्रों पर निर्भर रहने की आवश्यकता न पड़े।

उपचार के लिए विश्वसनीय प्रत्यारोपण और किफायती दवाएं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है, जिसे एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य दवाओं, इम्प्लांट और सर्जिकल कंज्यूमेबल्स पर एमआरपी में 50 प्रतिशत तक की छूट देकर मरीजों के उपचार पर होने वाले खर्च को कम करना है। यह पहल कैंसर और हृदय संबंधी बीमारियों जैसी गंभीर एवं जानलेवा बीमारियों से पीडि़त मरीजों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऐसी बीमारियों में दवाओं, इम्प्लांट और अन्य चिकित्सा कंज्यूमेबल्स की लागत परिवारों पर काफी आर्थिक बोझ डाल सकती है।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि किफायती स्वास्थ्य सेवाओं का अर्थ केवल अस्पतालों का निर्माण और चिकित्सा ढांचे का विस्तार करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि दवाओं की कीमत किसी मरीज के उपचार को जारी रखने में बाधा न बने। हरियाणा में अमृत फार्मेसियां जिला सिविल अस्पतालों में स्थापित की जा रही हैं। इन्हें लगभग 1,000 वर्ग फुट क्षेत्र में संचालित होने वाले वीटा मिल्क पार्लरों के साथ विकसित किया जा रहा है, जिससे मौजूदा सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के भीतर लोगों को सुविधाजनक और आसानी से पहुंच योग्य सेवाएं मिल सकें।

हरियाणा में विभिन्न स्थानों की पहचान की जा चुकी है और अब तक 15 जिला स्थानों का आवंटन किया जा चुका है। शेष स्थानों के लिए भी समन्वय की प्रक्रिया जारी है। 15 अगस्त से शुरू होने वाली पांच फार्मेसियां राज्यव्यापी विस्तार के पहले महत्वपूर्ण चरण का हिस्सा हैं। हर जिले तक इस नेटवर्क का क्रमिक विस्तार होने के साथ हरियाणा ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था की ओर आगे बढ़ रहा है, जहां गुणवत्तापूर्ण उपचार के साथ किफायती दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो और लोगों को उनके घर के नजदीक राहत मिले।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा