एजेएल प्लाट आवंटन में सीबीआई कोर्ट से हुड्डा हुए आरोप मुक्त

 

चंडीगढ़, 03 अप्रैल (हि.स.)। सीबीआई की विशेष अदालत ने पंचकूला में प्रकाशन समूह एसोसिएटिड जनरल्स लिमिटेड (एजेएल) को प्लॉट आवंटित करने के मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को आरोप मुक्त कर दिया है। इस मामले में पूर्व कांग्रेस नेता मोतीलाल वोहरा को भी आरोप मुक्त करार दिया गया है। वोहरा का करीब छह साल पहले निधन हो चुका है। इस मामले में सुनवाई के दौरान भूपेंद्र सिंह हुड्डा शुक्रवार को स्वयं अदालत में पेश हुए।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सीबीआई कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। इसमें स्पेशल कोर्ट की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी। जस्टिस त्रिभुवन दहिया की एकल पीठ ने कहा था कि बिना पर्याप्त आधार के आपराधिक मुकदमा जारी रखना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। प्रथम दृष्टया आरोप साबित नहीं हो रहे। ऐसे में कोर्ट ने आरोप तय करने के आदेशों को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट के फैसले के बाद सीबीआई कोर्ट के विशेष जज राजीव गोयल ने भी इस मामले में भूपेंद्र सिंह हुड्डा को आरोप मुक्त कर दिया है। सीबीआई कोर्ट से राहत के बाद अब कई वर्ष से चला आ रहा विवाद खत्म हो गया है।

बचाव पक्ष के वकील एस पी एस परमार ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर पंचकूला स्थित सीबीआई अदालत में चल रहे एजेएल मामले को लेकर उन्हें आरोप मुक्त किया है। मामले को लेकर 25 फरवरी को हाई कोर्ट में लगी एप्लीकेशन डिस्चार्ज हो गई थी, जिसके बाद हमने पंचकूला स्थित अदालत में एप्लीकेशन लगाई थी।

यह मामला पंचकूला के सेक्टर-6 में करीब 3,360 वर्ग मीटर के सरकारी भूखंड आवंटित करने से संबंधित है। इस केस में सीबीआई ने हुड्डा समेत एचएसवीपी के 4 वरिष्ठ अधिकारियों को भी आरोपी बनाया था। हुड्डा पर आरोप है कि उन्होंने 64.93 करोड़ रुपए का प्लॉट एजेएल को 69 लाख 39 हजार रुपए में दिया था। 1992 में भजनलाल सरकार ने ये प्लॉट रिज्यूम कर लिया था। वर्ष 2005 में हरियाणा में कांग्रेस सरकार वापस आने पर हुड्डा ने यह प्लॉट फिर से एजेएल को आवंटित कर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा