हिसार : कृषि शोध को किसानों तक पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका : प्रो. बीआर कम्बोज
हकृवि में कृषि विज्ञान-मीडिया संवाद सेतु कार्यक्रम आयोजित
वैज्ञानिकों और मीडिया प्रतिनिधियों के बीच हुआ सार्थक संवाद
हिसार, 28 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में शुभ लाभ भारतीय
अर्थव्यवस्था के साधक के संयुक्त तत्वावधान में कृषि विज्ञान-मीडिया संवाद सेतु कार्यक्रम
आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने मुख्य
अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर मुख्य वक्ता के रूप
में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और मीडिया के
बीच प्रभावी संवाद स्थापित कर कृषि अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक तकनीकों की प्रमाणिक
जानकारी किसानों व आमजन तक सरल एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाना रहा।
कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने साेमवार काे कहा कि हकृवि मीडिया के साथ निरंतर और सार्थक
संवाद को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि विश्वविद्यालय में हो रहे अनुसंधान,
नवाचार और विकसित की जा रही नई कृषि तकनीकों का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंच
सके। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान की सार्थकता तभी है, जब उसके परिणाम खेत और
किसान तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित उन्नत किस्मों, नई तकनीकों,
फसल प्रबंधन और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की जानकारी किसानों तक सरल, सहज और प्रमाणिक रूप
में पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका है।
मुख्य वक्ता हितेश शंकर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि संबंधी वैज्ञानिक
और उपयोगी जानकारी पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषि क्षेत्र में
प्रभावी संचार के चार प्रमुख स्तंभ ज्ञान एवं सूचना, संरचना, पारदर्शिता और फीडबैक
हैं। इनके माध्यम से वैज्ञानिक जानकारी किसानों तक पहुंचाने के साथ उनकी समस्याओं और
आवश्यकताओं को समझने तथा कृषि से जुड़े मुद्दों पर बेहतर संवाद स्थापित करने में मदद
मिलती है। मीडिया वैज्ञानिकों, किसानों और आमजन के बीच प्रभावी सेतु का कार्य करता
है।
कार्यक्रम के आयोजक एवं विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. नरेश कौशिक ने सभी वैज्ञानिकों,
मीडिया प्रतिनिधियों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। मंच का संचालन अतुल जैन ने किया।
इस अवसर पर प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न महाविद्यालयों
के अधिष्ठाता, निदेशक, अधिकारी और वैज्ञानिक मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर