खाने-पीने की चीज़ों में मिलावट की जांच सिर्फ़ 20 रुपये में करवा सकेंगे

 

हरियाणा में जांच के लिए पांच मोबाइल फूड सेफ्टी वैन तैनात, सार्वजनिक स्थानों पर करेंगी रैंडम जांच

चंडीगढ़, 22 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा में अब लोग रोज़मर्रा की खाने-पीने की चीजों में मिलावट की जांच सिर्फ़ 20 रुपये में करवा सकेंगे और शुरुआती नतीजे 10 से 12 मिनट में मिल जाएंगे। इसके लिए ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडड्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ की तरफ से दी गई पांच मोबाइल फूड सेफ्टी वैन पूरे राज्य में तैनात की गई हैं।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने मंगलवार को बताया कि यह मोबाइल लैब खाने-पीने की चीजों की जांच सीधे सार्वजनिक जगहों, बाज़ारों और शिक्षण संस्थानों तक ले जाएंगी। इससे मौके पर ही जांच के साथ-साथ लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी और असुरक्षित खाने के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकेगी।

‘फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडड्र्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया’,नई दिल्ली की तरफ से दी गई यह पांच वैन हरियाणा में बस स्टैंड, स्कूल, कॉलेज, बाज़ार और ज़्यादा भीड़-भाड़ वाली जगहों पर बारी-बारी से तैनात की जा रही हैं।

आम नागरिक दूध, मसाले, दाल और खाने के तेल जैसी आम चीज़ों के सैंपल शुरुआती जांच के लिए ला सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि हर सैंपल के लिए 20 रुपये की मामूली फ़ीस ली जाएगी और शुरुआती जांच का नतीजा आम तौर पर 10 से 12 मिनट में मिल जाएगा। ये मोबाइल यूनिट मेलों, त्योहारों और दूसरे बड़े सार्वजनिक आयोजनों के दौरान भी काम आएंगी, जहाँ बड़ी संख्या में खाने-पीने के अस्थायी स्टॉल और वेंडर काम करते हैं।

फ़ूड सेफ़्टी ऑफिसर रैंडम सैंपल ले सकेंगे और मौके पर ही शुरुआती जांच कर सकेंगे। अगर कोई सैंपल संदिग्ध पाया जाता है या शुरुआती जांच में फेल हो जाता है, तो अधिकारी तय नियमों के मुताबिक आगे की कार्रवाई करेंगे।

डॉ.मिश्रा ने बताया कि उक्त जांच के अलावा, वैन के साथ जाने वाले फ़ूड सेफ्टी ऑफिसर और तकनीकी कर्मचारी खाने में मिलावट, फोर्टिफाइड फ़ूड, न्यूट्रिशन लेबल, साफ-सुथरे तरीके से खाना रखने और मिलावट या खराब होने के आम संकेतों को पहचानने के तरीकों के बारे में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएंगे।

उन्होंने आगे कहा कि मोबाइल वैन फ़ूड-सेफ़्टी की निगरानी का दायरा बढ़ाने में खास तौर पर मददगार होंगी। इनसे अधिकारी बाजारों, संस्थानों और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर शुरुआती टेस्टिंग कर पाएँगे और साथ ही नागरिकों को तेज़ी से और कम खर्च में टेस्टिंग की सुविधा भी मिल सकेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा