जर्जर भवनों में नहीं होगी पढ़ाई : हर जिले में एडीसी संभालेंगे सरकारी स्कूलों की कमान
-स्कूलों की हर खामी पर रहेगी नजर, मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश
चंडीगढ़, 11 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब स्कूल में सफाई व्यवस्था से लेकर मिड-डे-मील की थाली और बच्चों की सुरक्षा की निगरानी अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) करेंगे। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद शिक्षा विभाग की ओर से एडीसी को जिला नोडल अधिकारी की कमान सौंपी गई है।
राजकीय स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूती देने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रशासन की सीधी नजर रहेगी। अब जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और स्कूल मुखिया के कार्यों की निगरानी यानी मॉनिटरिंग एडीसी करेंगे। एडीसी निगरानी के साथ स्कूलों का औचक निरीक्षण कर खामियों की रिपोर्ट भी तैयार मुख्यालय भेजेंगे।
शिक्षा विभाग के निदेशक जितेंद्र कुमार द्वारा शनिवार को जारी आदेशों के मुताबिक राजकीय स्कूलों में निगरानी के लिए एडीसी को जिला नोडल अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया गया है। एडीसी स्कूलों की निगरानी से लेकर आधारभूत सुविधाओं, मिड-डे मील, शिक्षण गुणवत्ता, डिजिटल संसाधनों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तक हर पहलू पर सीधी नजर रखेंगे।
सरकार की ओर से स्पष्ट हिदायत दी गई है कि किसी भी सरकारी स्कूल में छात्र-छात्राओं को असुरक्षित या जर्जर भवन में नहीं बैठाया जाएगा। जिला नोडल अधिकारी बनाए गए एडीसी ऐसे भवनों की पहचान कर उन्हें कंडम घोषित कराने की प्रक्रिया में तेजी लाएंगे। साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी जिम्मेदारी उनकी होगी। इसके साथ ही जिलावार जर्जर भवनों की रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी, ताकि सरकार ओर से उन्हें सुरक्षित या नए भवन बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके।
मानसून के सीजन में राजकीय स्कूलों में पानी की टंकियों की साफ-सफाई को लेकर स्कूल मुखिया गंभीरता नहीं दिखाते हैं। लिहाजा, एडीसी अब स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता की भी नियमित समीक्षा करेंगे। पके हुए भोजन, कच्चे राशन, पेयजल, पानी की टंकियों और शौचालयों की साफ-सफाई की जांच करेंगे। यदि किसी स्कूल में लापरवाही मिली तो संबंधित स्कूल मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एडीसी केवल आधारभूत सुविधाओं तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था, शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति, अनुशासन तथा शिक्षा विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन की भी नियमित समीक्षा करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर वे विशेष निरीक्षण दल गठित कर स्कूलों का औचक निरीक्षण भी करा सकेंगे। एडीसी जिले के सभी सरकारी स्कूलों के संचालन और व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करेंगे। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि स्कूलों में पेयजल, शौचालय, बाउंड्री वॉल और जलभराव जैसी आधारभूत समस्याओं का समय पर समाधान हो तथा बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा