हिसार : व्हाट्सएप यूजर्स के लिए नया साइबर खतरा, बिना ओटीपी हैक हो सकता अकाउंट : सिद्धांत जैन
‘घोस्ट पेयरिंग’ ट्रिक से ठग ले रहे हैं अकाउंट का पूरा कंट्रोल, पुलिस ने
दी चेतावनी
हिसार, 10 अप्रैल (हि.स.)। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत
जैन ने नागरिकों को व्हाट्सएप पर सक्रिय एक नए और गंभीर साइबर फ्रॉड के प्रति सतर्क
रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसी द्वारा ‘घोस्ट
पेयरिंग’ नामक एक खतरनाक हैकिंग
कैंपेन को लेकर चेतावनी जारी की गई है, जिसमें साइबर अपराधी बिना पासवर्ड, ओटीपी या
सिम स्वैप के ही व्हाट्सएप अकाउंट को अपने कब्जे में ले लेते हैं।
पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने शुक्रवार काे बताया कि इस साइबर
ठगी में अपराधी किसी परिचित कॉन्टेक्ट के नाम से व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध लिंक भेजते
हैं, जैसे ‘हाय, चैक दिस फोटो’ या ‘देखो यह फोटो’। जैसे ही यूजर इस लिंक पर क्लिक करता है, एक फर्जी फेसबुक या मीडिया व्यूअर
पेज खुलता है, जो वेरिफिकेशन के बहाने मोबाइल नंबर डालने को कहता है। नंबर डालते ही
हैकर्स व्हाट्सएप के फीचर का गलत इस्तेमाल कर अकाउंट को अपने डिवाइस से जोड़ लेते हैं।
सिद्धांत जैन ने बताया कि इस तरीके से ठग बैकग्राउंड
में छिपकर यूजर के पुराने मैसेज पढ़ सकते हैं, रीयल-टाइम चैट देख सकते हैं और यूजर
की ओर से उसके कॉन्टैक्ट्स को फोटो, वीडियो या मैसेज भेज सकते हैं। इससे न केवल निजता
भंग होती है, बल्कि ठगी का दायरा तेजी से फैलता है।
पुलिस अधीक्षक ने सलाह दी कि आमजन किसी भी अनजान
या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और किसी बाहरी वेबसाइट पर अपना मोबाइल नंबर, ओटीपी
या निजी जानकारी दर्ज न करें। व्हाट्सएप सेटिंग्स में जाकर नियमित रूप से ‘लिंक्ड डिवाइस’ सेक्शन चेक करें और
यदि कोई अनजान डिवाइस जुड़ा दिखे तो तुरंत उसे लॉगआउट करें। अतिरिक्त सुरक्षा के लिए
‘टू स्टेप वेरिफिकेशन’ को हमेशा ऑन रखें। उन्होंने कहा कि यदि किसी को संदेह हो कि उसका अकाउंट हैक
हो गया है, तो तुरंत इंटरनेट बंद करें, व्हाट्सएप सेटिंग्स चेक करें और आवश्यक सुरक्षा
कदम उठाएं। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन
1930 पर कॉल करें या पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी छोटी
सी लापरवाही का फायदा उठाते हैं। इसलिए सतर्क रहें, जागरूक रहें और इस चेतावनी को अपने
परिवार व मित्रों के साथ साझा करें।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर