विदेश से लौटे फरार आरोपी को एसीबी ने दबोचा
-ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली मामले में हुआ था फरार
चंडीगढ़, 14 जून (हि.स.)। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), हरियाणा ने परिवहन विभाग में कथित भ्रष्टाचार और ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के बहुचर्चित मामले में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी संदीप को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले करीब चार वर्षों से गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश में रह रहा था।एसीबी प्रवक्ता ने रविवार को चंडीगढ़ में बताया कि इस संबंध में 08 अक्टूबर 2022 को एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि परिवहन विभाग के कुछ अधिकारी, कर्मचारी और उनके दलाल ओवरलोड वाहनों को बिना चालान गुजरने देने के बदले ट्रांसपोर्टरों से नियमित रूप से मासिक रिश्वत वसूलते थे।
शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने 08 अक्टूबर 2022 को ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी अंकित गर्ग को शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि परिवहन विभाग से जुड़े कुछ अधिकारी, कर्मचारी और दलाल संगठित नेटवर्क बनाकर हरियाणा सहित अन्य राज्यों के वाहनों से अवैध वसूली कर रहे थे तथा इसके बदले ओवरलोड वाहनों को बिना कार्रवाई अपने क्षेत्रों से गुजरने देते थे।
जांच में अंकित गर्ग, नीरज गुलाटी, मानिक उर्फ लवली, संदीप उर्फ सोनू, सुनील कुमार व सुभाष चन्द्र एच.सी.एस. रमित यादव एच.सी.एस. निरीक्षक जसमेर उप निरीक्षक दर्शन सिंह, रणजीत सिंह ड्राइवर समेत कई व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई थी। मामले की जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे और नियंत्रण से लगभग 85.15 लाख रुपये की रिश्वत राशि भी बरामद की गई थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर एसीबी ने 06 दिसंबर 2022 को न्यायालय में चालान प्रस्तुत कर दिया था।
एसीबी के अनुसार, संदीप के खिलाफ आरोप है कि उसने आरटीए विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता से ओवरलोड वाहनों को चालान से बचाने के लिए 50 हजार रुपये प्रतिमाह रिश्वत की मांग की थी तथा 20 हजार रुपये ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त किए थे। मामले में नामजद होने के बाद वह विदेश चला गया था। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया था।
भारत लौटने पर एसीबी की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को यमुनानगर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड के दौरान उससे अवैध वसूली नेटवर्क, रिश्वत के लेन-देन तथा मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा