हिसार : एक सप्ताह में छात्रहित की मांगों पर कार्रवाई करे जीजेयू प्रशासन, अभाविप ने चेताया
कुलपति को सौंपा मांगपत्र
हिसार, 29 जुलाई (हि.स.)। गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
में छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने विश्वविद्यालय
प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अभाविप की जीजेयू इकाई ने कुलपति प्रो. नरसी
राम बिश्नोई को बुधवार को विस्तृत मांगपत्र सौंपते हुए छात्रावास, प्रवेश प्रक्रिया,
हॉस्टल सुविधाओं, छात्र सुरक्षा और पीएचडी शोधार्थियों की समस्याओं सहित विभिन्न लंबित
मांगों पर एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई करने की मांग की। परिषद ने स्पष्ट चेतावनी
दी कि यदि निर्धारित समय में समाधान नहीं हुआ तो विश्वविद्यालय में चरणबद्ध लोकतांत्रिक
आंदोलन शुरू किया जाएगा।
अभाविप ने मांगपत्र में कहा कि सभी पात्र विद्यार्थियों को छात्रावास की सुविधा
उपलब्ध कराई जाए। संगठन का कहना है कि केवल नवप्रवेशित विद्यार्थियों ही नहीं, बल्कि
द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के पात्र विद्यार्थियों को भी हॉस्टल आवंटित किए जाएं, ताकि
किसी भी छात्र को आवास के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े।
परिषद ने बीएससी, एमबीए, भूगोल और फूड टेक्नोलॉजी सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों
के बंद हो चुके प्रवेश पोर्टलों को दोबारा खोलने की मांग भी उठाई। अभाविप का तर्क है
कि अनेक विद्यार्थी तकनीकी कारणों और सीमित समय के चलते आवेदन नहीं कर सके, इसलिए उन्हें
एक और अवसर दिया जाना चाहिए।
छात्रों की दैनिक जरूरतों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए परिषद ने विश्वविद्यालय
परिसर की सभी टी-स्टॉल और कैंटीनों में निर्धारित रेट सूची का कड़ाई से पालन सुनिश्चित
करने तथा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स स्थित कैंटीन की दरों की समीक्षा कर विद्यार्थियों को
उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की।
हॉस्टलों में मूलभूत सुविधाओं की कमी पर भी अभाविप ने सवाल उठाए। परिषद ने
बॉयज हॉस्टलों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप नई वॉशिंग मशीनें लगाने तथा गर्ल्स
हॉस्टलों में लंबे समय से खराब पड़ी वॉशिंग मशीनों को तुरंत ठीक कर चालू कराने की मांग
की।
ज्ञापन में गर्ल्स हॉस्टल परिसर में बढ़ते सांपों के खतरे को गंभीर विषय बताते
हुए नियमित सफाई, झाड़ियों की कटाई, सर्प नियंत्रण अभियान और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
करने की मांग की गई। परिषद का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता
स्वीकार नहीं किया जा सकता।
अभाविप ने शीतकालीन सत्र 2024-25 के पीएचडी शोधार्थियों के लिए यूआरएफ
(URF) आवेदन प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की भी मांग उठाई। परिषद का कहना है कि विश्वविद्यालय
की वेबसाइट पर समय पर सूचना अपलोड नहीं होने के कारण अनेक पात्र शोधार्थी आवेदन करने
से वंचित रह गए, इसलिए उन्हें पुनः अवसर दिया जाना चाहिए।
अभाविप जीजेयू इकाई अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रांत सोशल मीडिया संयोजक कमलदीप
अत्री ने कहा कि परिषद लंबे समय से छात्रहित के मुद्दों को प्रशासन के समक्ष उठाती
रही है, लेकिन अधिकांश समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि एक
सप्ताह के भीतर मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो अभाविप विश्वविद्यालय
स्तर पर व्यापक छात्र आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि छात्रहित के मुद्दों पर किसी
प्रकार की लापरवाही या टालमटोल अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी
विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
जीजेयू इकाई मंत्री निकुंज शर्मा ने कहा कि ज्ञापन में शामिल सभी मांगें सीधे
विद्यार्थियों की शिक्षा, सुरक्षा, आवास और भविष्य से जुड़ी हैं। यदि विश्वविद्यालय
प्रशासन समय रहते इन समस्याओं का समाधान करता है तो हजारों विद्यार्थियों को राहत मिलेगी
और शैक्षणिक वातावरण भी बेहतर होगा। इस अवसर पर बृजेश काजला, अजय ढांडा, लोकेश, विपिन,
तुषार, हिमांशु, दिव्यांशु सहित अभाविप के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर