हिसार : महाराजा अग्रसेन के आदर्श सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भर समाज की मजबूत नींव : राज्यपाल कविंदर गुप्ता

 




अग्रोहा की पावन भूमि पर आना गौरव की बात, सेवा-सहयोग और समानता का संदेश पूरे देश के लिए प्रासंगिकहिसार, 25 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा है कि अग्रोहा की ऐतिहासिक और पावन भूमि पर तीसरी बार आना उनके लिए गौरव का विषय है। यह भूमि महाराजा अग्रसेन जी के महान व्यक्तित्व और उनके लोककल्याणकारी विचारों से जुडऩे की प्रेरणा देती है। महाराजा अग्रसेन के आदर्श केवल अग्रवाल समाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये पूरे भारतीय समाज की अमूल्य धरोहर हैं। सेवा, समानता, सहयोग और सामाजिक समरसता का उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है।अग्रोहा में आयोजित वार्षिक मेला के अवसर पर उपस्थितजन को संबोधित करते हुए राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने रविवार काे कहा कि महाराजा अग्रसेन एक महान शासक होने के साथ-साथ दूरदर्शी समाज सुधारक भी थे। उन्होंने ऐसी सामाजिक व्यवस्था की कल्पना की, जिसमें समृद्धि का लाभ समाज के किसी एक वर्ग तक सीमित न रहकर प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे और हर व्यक्ति को सम्मान के साथ आगे बढऩे का अवसर मिले। राज्यपाल ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति केवल उसकी आर्थिक संपन्नता में नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और कमजोर वर्गों के प्रति उसकी जिम्मेदारी में भी निहित होती है। अग्रवाल समाज ने व्यापार, उद्योग, शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। समाज द्वारा विद्यालयों, अस्पतालों, धर्मशालाओं, गौशालाओं और जनकल्याणकारी संस्थाओं के माध्यम से किए जा रहे कार्य परोपकार की परंपरा को मजबूत करते हैं।राज्यपाल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी की एक ईंट-एक रुपया की परंपरा हमें सिखाती है कि जब प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देता है, तो सामूहिक सहयोग से समाज की बड़ी से बड़ी जरूरत पूरी की जा सकती है। इस परंपरा का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सहयोग देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और सम्मानपूर्वक जीवन शुरू करने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज की यह भावना सामाजिक उत्तरदायित्व और परस्पर सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। समाज की प्रगति तभी सार्थक है, जब व्यक्तिगत सफलता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जुड़ी हो।हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल अपने संबोधन में कहा कि महाराजा अग्रसेन जी के विचार और आदर्श आज भी समाज को एकजुट करने तथा जनकल्याण की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी ने ऐसे समाज की कल्पना की थी, जिसमें आर्थिक समृद्धि के साथ सामाजिक समानता, आपसी विश्वास और प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान को प्राथमिकता मिले। वार्षिक समारोह में सुबह से ही आने जाने वालों का ताता लगा रहा। ध्वजारोहण पूर्व राज्यसभा सांसद एवं एस्सल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्र व अग्रोहा धाम के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने किया। मेले का शुभारम्भ तड़के शक्ति सरोवर स्नान व मंदिर की आरती से हुआ। मंदिरों के दर्शन करवाने के लिए महिलाओं की टीमें लगी हुई थी। ट्रेड फेयर मेला आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। मंदिरों में दर्शन के लिए भक्तों की बहुत लंबी लाइन लगी हुई थी। शक्ति सरोवर में हजारों महिला व पुरुष ने स्नान किया। गाजे-बाजे के साथ महिला कलश यात्रा मंदिर के प्रांगण से निकाली गई। इस अवसर पर जगतगुरु ब्रह्मर्षी कुमार स्वामी, पंजाब मंत्री बिरेंद्र गोयल, भजन सम्राट अंजनी द्विवेदी, बीरेन्द्र गोयल आदि उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर