जींद : दो जेल डीएसपी समेत सात पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज

 


जींद, 06 अगस्त (हि.स.)। सिविल लाइन थाना पुलिस ने जिला कारागार में चार दिन पहले उम्र कैद की सजा काट रहे कैदी द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में दो जेल डिप्टी सुपरिटेंडेंट, दो चिकित्सकों समेत सात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सफीदों निवासी संदीप को कुकर्म के मामले में अक्टूबर 2023 में उम्र कैद की सजा हुई थी। तभी से वह जेल में बंद था। गत दो अगस्त रात को 26 वर्षीय संदीप ने पायजामे का फंदा बना जेल में फांसी लगा कर आत्महत्या ली। परिजनों ने जेल अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कैदी संदीप की मौत के लिए जिम्मेवार ठहराया था। पूरे मामले की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट द्वारा जाचं की गई। उन्हीं की देखरेख में शव का चिकित्सक बोर्ड खानपुर पीजीआई में पोस्टमार्टम करवाया गया था। मृतक कैदी संदीप के पिता वासुदेव की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने जेल डीएसपी सुरेंद्र, विक्रम गिल, जेल एलओ ईश्वर सिंह, फार्मासिस्ट के साथ काम करने वाला कैदी गोल्डी तथा वहां डयूटी देने वाले दो चिकित्सकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजूबर करने समेत विभिन्न भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया है।

मृतक कैदी संदीप के पिता वासुदेव ने बताया कि उसके बेटे को पथरी थी लेकिन उसका उपचार तक नहीं करवाया जाता था, बल्कि प्रताड़ित किया जाता था। मृतक संदीप को खानपुर पीजीआई में तीन अगस्त को चिकित्सक बोर्ड से पोस्टमार्ट हो चुका था। परिजन जेल अधिकारियों व अन्य के खिलाफ मुकद्मा दर्ज करने तथा गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए थे। परिजनों से मांग पूरी न होने तक शव को लेने से मना कर दिया। मांगों को लेकर परिजन एसपी कुलदीप सिंह से भी मिले। आखिर पुलिस ने दो जेल डीएसपी, दो चिकित्सकों समेत सात लोगों पर मामला दर्ज किया। जिसके बाद गुरूवार को परिजन शव को लेने को राजी हुए। शव का अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस ने भी रात की सांस ली है।

गुरूवार को जानकारी देते हुए सिविल लाइन थाना प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि मामले की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट द्वारा जांच की जा रही है। परिजनों ने आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी। जिस पर मामला दर्ज कर लिया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा