हिसार : लुवास में शिक्षकों को बड़ी सौगात, करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत मिली पदोन्नति
उत्कृष्ट शिक्षक ही विश्वविद्यालय की पहचान और प्रगति का आधार : प्रो. वर्मा
हिसार, 05 अगस्त (हि.स.)। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय
(लुवास) में शिक्षकों को करियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत पदोन्नति की सौगात
मिली है। विश्वविद्यालय की पर्सोनल कमेटी एवं बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की अनुशंसा के बाद
कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा ने बुधवार को कुलपति सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम
के दौरान पदोन्नत शिक्षकों को आदेश पत्र सौंपे। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. आरएन चौधरी
भी उपस्थित रहे।
सीएएस के तहत डॉ. अशोक कुमार मलिक (मीट टेक्नोलॉजी), डॉ. विकास नेहरा (वेटरिनरी
पैथोलॉजी), डॉ. रेनू गुप्ता (वेटरिनरी पब्लिक हेल्थ), डॉ. ज्ञान सिंह (वेटरिनरी गायनेकोलॉजी
एवं ऑब्स्टेट्रिक्स), डॉ. दिव्या अग्निहोत्री (वेटरिनरी मेडिसिन), डॉ. अमन कुमार (एनिमल
बायोटेक्नोलॉजी), डॉ. वंदना भनोट (वेटरिनरी माइक्रोबायोलॉजी) तथा डॉ. दीपिका (वेटरिनरी
पैथोलॉजी) को पदोन्नति प्रदान की गई। इसके अलावा डॉ. बिस्वा रंजन महारणा को वेटरिनरी
पैरासिटोलॉजी विभाग में सीनियर साइंटिस्ट के पद पर पदोन्नत किया गया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा ने सभी शिक्षकों को बधाई
देते हुए कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की वास्तविक ताकत उसके शिक्षक होते हैं। उन्होंने
कहा कि पदोन्नति केवल उपलब्धियों का सम्मान नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों और संस्थान
के विश्वास की अभिव्यक्ति भी है। उन्होंने आशा जताई कि पदोन्नत शिक्षक शिक्षा, अनुसंधान
और विस्तार गतिविधियों में उत्कृष्ट योगदान देकर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता
को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे तथा राष्ट्रीय स्तर पर लुवास की प्रतिष्ठा को और मजबूत
करेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि सभी पदोन्नतियां विश्वविद्यालय की अधिसूचित
कैरियर एडवांसमेंट स्कीम, विश्वविद्यालय अधिनियम तथा समय-समय पर जारी यूजीसी एवं विश्वविद्यालय
के नियमों के अनुरूप प्रदान की गई हैं।
इस मौके पर लुवास शिक्षक संघ (लुवास्टा) के अध्यक्ष डॉ. अमित पूनिया ने सभी
पदोन्नत शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी लगन, मेहनत और शैक्षणिक
उत्कृष्टता का सम्मान है। उन्होंने कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा एवं विश्वविद्यालय
प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पदोन्नति मामलों का समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी
निस्तारण शिक्षकों के हितों के प्रति प्रशासन की सकारात्मक सोच को दर्शाता है। इससे
शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, नई ऊर्जा का संचार होगा और वे शिक्षा, अनुसंधान तथा विस्तार
गतिविधियों में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करते हुए विश्वविद्यालय की प्रगति में
अहम योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को समय पर पदोन्नति मिलने से न केवल उनकी
कार्यक्षमता और उत्साह बढ़ता है, बल्कि संस्थान में उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं शोध संस्कृति
को भी मजबूती मिलती है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर