पानीपत में 26 साल बाद दर्ज हुई बुजुर्ग की गुमशुदगी रिपोर्ट
पानीपत, 16 मार्च (हि.स.)। हरियाणा के पानीपत जिले के गांव बुढनपुर में 26 वर्ष पहले रहस्यमय तरीके से लापता हुए बुजुर्ग रणजीत सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट अब जाकर दर्ज की गई है।
गांव बुढनपुर निवासी बलविन्द्र सिंह ने एसडीएम समालखा को दी अर्जी में बताया है कि उनके दादा रणजीत सिंह वर्ष 1999-2000 के दौरान अचानक घर से लापता हो गए थे। उस समय परिवार ने अपने सभी रिश्तेदारों, सार्वजनिक स्थानों और संभावित ठिकानों पर उनकी काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा। उस समय कानूनी जानकारी के अभाव में परिवार ने थाने में दादा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई थी। परिवार को उम्मीद थी कि शायद वे कभी वापस लौट आएंगे, जिनका आज तक कोई सुराग नहीं लगा।
बलविन्द्र ने बताया कि उनके दादा के नाम जो कृषि भूमि है, उसे अब उत्तराधिकारियों के नाम ट्रांसफर करवाया जाना है। राजस्व नियमों और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 108 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति 7 साल तक लापता रहता है, तो उसे कानूनी रूप से मृत माना जा सकता है। बलविन्द्र सिंह ने एसडीएम समालखा से प्रार्थना की है कि उनके दादा रणजीत सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश पुलिस को दिए जाएं। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद परिवार अदालत के माध्यम से 'सिविल डेथ' घोषित करवा सकेगा, जिससे जमीन का इंतकाल उनके वारिसों के नाम संभव हो पाएगा।
थाना समालखा प्रभारी गुलशन कुमार ने बताया संपत्ति मामले में वारिसों को मृत्यु प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। चूंकि लापता हुए रणजीत सिंह का कही भी मृत्यु का प्रमाण नहीं है, इस लिए एसडीएम के आदेश पर व ग्रामीणों के बयान दर्ज कर बलविंदर द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर रविवार को रणजीत सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा