जींद : युवा ज्ञान और कौशल निखारकर राष्ट्र निर्माण में दें योगदान :अरविंद शर्मा

 


जींद, 27 अक्टूबर (हि.स.)। सहकारिता एवं जेल मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि युवाओं के विचारों को सही मंच मिले तो वे अपनी रचनात्मक सोच और तकनीकी कौशल से समाज की समस्याओं के समाधान तलाश सकते हैं। युवाओं के भीतर अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट विजन होना चाहिए और उन्हें निरंतर सीखने, अपनी क्षमताओं को पहचानने तथा हुनर निखारने पर ध्यान देना चाहिए।

सहकारिता एवं जेल मंत्री अरविंद शर्मा मंगलवार को चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित सेवा फस्र्ट इनोवेशन चैलेंज की एक दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर कही। कार्यशाला में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के करीब 700 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच, नवाचार और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करते हुए लगभग 250 मॉडल प्रदर्शित किए। प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने नए विचारों और प्रयोगों को प्रस्तुत करने का मंच मिला। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि आत्मविश्वास का आधार ज्ञान है और ज्ञान प्राप्त करने का प्रमुख माध्यम पढ़ाई है। इसलिए युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढऩा चाहिए और अपने विचारों को धरातल पर उतारने के लिए आत्मविश्वास एवं दृढ़ संकल्प के साथ प्रयास करना चाहिए। युवाओं में अपने हित में सही निर्णय लेने का साहस होना चाहिए। साथ ही उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहते हुए समाज की उन्नति में भी योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के विचारों को उचित मंच देना समय की आवश्यकता हैए ताकि उनकी प्रतिभा सामने आए और उनके नवाचार समाज तथा राष्ट्र के लिए उपयोगी साबित हों।

मंत्री अरविंद शर्मा ने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी कड़ी में राष्ट्रीय स्तर पर सेवा फस्र्ट इनोवेशन चैलेंज चलाया जा रहा हैए जो 31 दिसंबर तक जारी रहेगा। इसका उद्देश्य लोगों को अपने हुनरए ज्ञान और सकारात्मक विचारों को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर देना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देशहित में उपयोगी विचार सामने लाएं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा