विजेंद्र गुप्ता ने की युवाओं से जल संरक्षण अभियान का नेतृत्व करने की अपील

 




नई दिल्ली, 01 मई (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को रोहतास नगर विधानसभा क्षेत्र में वर्षा जल संचयन परियोजना के उद्घाटन समारोह में युवाओं से जल संरक्षण अभियान का नेतृत्व करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो शहर अपने वर्षा जल को यूं ही बह जाने देता है, वह अपने भविष्य को सुरक्षित नहीं कर सकता। हर बूंद को संचित करना, संरक्षित करना और धरती में वापस पहुंचाना आवश्यक है।

यह परियोजना दिल्ली जल बोर्ड स्टोर, एलआईजी-एमआईजी फ्लैट्स, ईस्ट ऑफ लोनी रोड में मंत्री कपिल मिश्रा तथा रोहतास नगर के विधायक जितेंद्र महाजन की उपस्थिति में प्रारंभ की गई।

इस पहल को सतत शहरी प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए गुप्ता ने कहा कि तेजी से विस्तार करते शहर में जल संरक्षण अब विकल्प नहीं रह गया है। जनसंख्या वृद्धि, शहरीकरण, भूजल स्तर में गिरावट और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते दबावों ने दिल्ली में जल सुरक्षा को अत्यंत गंभीर विषय बना दिया है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वर्षा जल, जो प्रायः व्यर्थ बह जाता है, उसे वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से संचित कर एक विश्वसनीय संसाधन में बदला जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्षा जल संचयन न केवल गिरते भूजल स्तर को सुधारने का व्यावहारिक उपाय है, बल्कि यह एक सामूहिक जिम्मेदारी भी है, जिसे सभी को निभाना चाहिए।

विधायक महाजन और परियोजना से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना करते हुए गुप्ता ने कहा कि यह पहल दर्शाती है कि स्थानीय स्तर पर किए गए केंद्रित प्रयास व्यापक पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। इस प्रकार की परियोजनाएं पारिस्थितिक संतुलन बहाल करने के साथ-साथ दीर्घकालिक जल स्थिरता को भी सुदृढ़ करती हैं।

जन सहभागिता की आवश्यकता पर बल देते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने नागरिकों से अपने घरों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर वर्षा जल संचयन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से इस दिशा में नेतृत्व करने और जागरूकता फैलाने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि आज की निष्क्रियता का भारी मूल्य आने वाली पीढ़ियों को चुकाना पड़ेगा।

इस पहल के व्यापक महत्व को रेखांकित करते हुए गुप्ता ने कहा कि यह परियोजना अन्य विधानसभा क्षेत्रों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बन सकती है और एक अधिक सतत एवं जल-सुरक्षित शहरी भविष्य के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव