युवा अपनी ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाएं : विजेंद्र गुप्ता

 




नई दिल्ली, 08 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि युवाओं को कभी भी अपने जोश पर होश हावी नहीं होने देना चाहिए। आपकी ऊर्जा, विचार और आकांक्षाएं तभी सार्थक हैं, जब उन्हें जागरूकता, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना का मार्गदर्शन मिले। यह बात विजेंद्र गुप्ता ने विधानसभा के युवा संपर्क कार्यक्रम के अंतर्गत दिल्ली विधानसभा का भ्रमण करने आए विद्यार्थियों के गुरुवार को संवाद के दौरान कही।

महात्मा गांधी इंटरनेशनल स्कूल (अहमदाबाद) नवर्चना विद्याणी विद्यालय (वडोदरा) तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के खालसा कॉलेज, दयाल सिंह कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज और रामजस कॉलेज के विद्यार्थियों ने दिल्ली विधानसभा का भ्रमण किया। यह भ्रमण युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोड़ने तथा उन्हें भारत की संसदीय परंपराओं, संवैधानिक मूल्यों और विधायी प्रक्रियाओं से परिचित कराने की विधानसभा की निरंतर पहल का हिस्सा था। इस संवाद ने विभिन्न क्षेत्रों और शैक्षणिक पृष्ठभूमियों से आए छात्रों को विधानसभा अध्यक्ष के साथ सीधे संवाद करने तथा कक्षा और पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर विधायिका के कामकाज को समझने का अवसर प्रदान किया।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि युवाओं में अपार ऊर्जा, जिज्ञासा और आकांक्षाएं होती हैं, लेकिन इनका साथ जागरूकता, धैर्य और विवेक से होना आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को अपने लक्ष्यों के प्रति केंद्रित रहने, सोच-समझकर निर्णय लेने और अपनी क्षमताओं का रचनात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने आसपास हो रहे बदलावों का केवल दर्शक बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनमें ऐसी समझ और जिम्मेदारी की भावना विकसित होनी चाहिए, जो उन्हें राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान देने के योग्य बनाए।

शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक दिल्ली विधानसभा परिसर का निर्देशित भ्रमण किया और इसकी विशिष्ट स्थापत्य शैली तथा भारत के संसदीय इतिहास में इसके महत्वपूर्ण स्थान के बारे में जानकारी प्राप्त की। डॉक्यूमेंट्री और प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्रों को इस भवन के केंद्रीय विधान सभा से जुड़े इतिहास तथा इससे संबंधित महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों और ऐतिहासिक घटनाक्रमों से परिचित कराया गया।

छात्रों ने मुख्य विधानसभा सदन का भी दौरा किया, जहां उन्हें उस स्थान को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर मिला, जहां विधायी बहसें और विधानसभा की कार्यवाही संचालित होती हैं। उन्हें विधानसभा की संसदीय विरासत तथा विधानसभा की स्मारिका कॉफी टेबल बुक “एक शताब्दी यात्रा” से भी परिचित कराया गया, जिसमें इस संस्था की ऐतिहासिक यात्रा और विरासत को संकलित किया गया है। इस दौरे ने छात्रों को भारत की विधायी संस्थाओं के इतिहास को वर्तमान समय में लोकतंत्र के संचालन से जोड़कर समझने का अवसर प्रदान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव