तीन-तीन अलग इलाकाें में चाकू घाेंपकर नाबालिग समेत तीन की हत्या
नई दिल्ली, 02 जनवरी (हि.स.)। नए साल की शुरुआत देश की राजधानी दिल्ली के लिए खून-खराबे के साथ हुई। एक जनवरी को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में हुई ताबड़तोड़ आपराधिक वारदातों ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। उत्तर-पश्चिम और बाहरी जिले में चाकू से गोदकर एक नाबालिग समेत तीन लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई। जबकि एक महिला और एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटनाओं के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
पहली वारदात उत्तर-पश्चिमी जिले के आदर्श नगर थाना क्षेत्र की है। यहां 50 वर्षीय राकेश नाम के व्यक्ति ने अपने घर के बाहर गाली-गलौच करने से मना किया तो हमलावरों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पालतू कुत्ते के विवाद में 15 वर्षीय छात्र की नृशंस हत्या
दूसरी और तीसरी वारदात बाहरी जिले के सुल्तानपुरी और मंगोलपुरी इलाके में हुई, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। सुल्तानपुरी में पालतू कुत्ते को लेकर हुए विवाद में नौवीं कक्षा के छात्र 15 वर्षीय विषभ पर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी गई। इतना ही नहीं, बीच-बचाव करने पहुंची उसकी मां आरती पर भी हमलावरों ने कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
परिजनों के अनुसार, विषभ अपने दोस्त के साथ जूस पीने गया था। उसने अपने पड़ोस में रहने वाले एक युवक को कुत्ता दे दिया था। जब कुत्ता वापस मांगा गया तो पहले कहासुनी हुई और बाद में आरोप है कि कई युवकों ने मिलकर नाबालिग पर चाकू से हमला कर दिया। मृतक की मां ने सुल्तानपुरी थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वारदात थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई। वह खून से लथपथ हालत में थाने पहुंचीं, लेकिन पुलिस के देर से पहुंचने के कारण उनके बेटे ने दम तोड़ दिया। मां का आरोप है कि अगर पुलिस समय पर पहुंच जाती तो शायद उनका बेटा बच सकता था।
मंगोलपुरी में युवक की चाकू से गोदकर हत्या
तीसरी वारदात मंगोलपुरी थाना क्षेत्र के ई-ब्लॉक में हुई। यहां करीब आधा दर्जन युवकों ने 21 वर्षीय विकास और उसके दोस्त संदीप पर चाकू से हमला कर दिया। अधिक खून बहने के कारण विकास की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संदीप गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उसका इलाज जारी है। चश्मदीदों के अनुसार, विकास और उसके दोस्त नए साल की पार्टी के बाद पार्क के पास खड़े होकर सिगरेट पी रहे थे, तभी कुछ स्थानीय युवकों से कहासुनी हुई और देखते ही देखते हमला कर दिया गया। इस मामले में कुछ आरोपित नाबालिग बताए जा रहे हैं। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि मंगोलपुरी की घटना में घायल युवक काफी देर तक सड़क पर पड़ा रहा, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। हैरानी की बात यह है कि घटनास्थल के पास ही पुलिस बूथ मौजूद है। मृतक विकास के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में काम करता था। अब परिवार पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहा है।
वहीं कुछ घंटों में हुई इन हत्याओं और हमलों ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। बच्चों से लेकर युवाओं और महिलाओं तक कोई भी सुरक्षित नहीं दिख रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों में न कानून का डर है और न ही पुलिस का खौफ। नए साल के पहले ही दिन राजधानी में फैली यह दहशत प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। वहीं तीनों घटनाओं में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों में
मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी