एनडीएमसी क्षेत्र में 50 प्रतिशत छूट के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, सरोजिनी नगर में बनेगा 50 बेड का आयुष अस्पताल

 


नई दिल्ली, 21 सितंबर (हि.स.)। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) की सोमवार को पालिका केंद्र में आयोजित परिषद बैठक में नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल और अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने पत्रकार वार्ता कर परिषद में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।

एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप एनडीएमसी क्षेत्र में आधुनिक विकास, बेहतर नागरिक सुविधाओं और मजबूत बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। परिषद ने अंधेरे वाले स्थानों पर नई स्ट्रीट लाइट लगाने, इलेक्ट्रिक वाहनों को पार्किंग शुल्क में 50 प्रतिशत छूट देने, स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था विकसित करने सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

उन्होंने बताया कि एनडीएमसी क्षेत्र के अंधेरे वाले स्थानों पर छह, आठ और 11 मीटर ऊंचाई वाले नए ऑक्टागोनल स्ट्रीट लाइट पोल लगाए जाएंगे। इसमें पोल की नींव, केबल बिछाने और अर्थिंग का काम भी शामिल होगा। इसके लिए 18.26 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

स्वच्छ और हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एनडीएमसी के सभी पार्किंग स्थलों पर इलेक्ट्रिक वाहनों को पार्किंग शुल्क में 50 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया गया है। एनडीएमसी के अनुसार इससे इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

चहल ने बताया कि धोबी घाट के पानी के उपभोक्ताओं के पुराने बकाया बिलों पर लगने वाले विलंब शुल्क से राहत देने के लिए एक बार की माफी योजना को मंजूरी दी गई है। अप्रैल 2026 तक एनडीएमसी का करीब 63.52 करोड़ रुपये पानी का बकाया था। इसके साथ ही धोबी घाट के पानी के शुल्क में पहले लागू 2.5 गुना शुल्क को हटाने का फैसला किया गया है। सीवरेज शुल्क पानी के उपयोग शुल्क का 60 प्रतिशत रहेगा।

सरोजिनी नगर में करीब 55 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का आयुष अस्पताल एवं शोध केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह परियोजना आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय तथा एनडीएमसी की 50:50 साझेदारी में प्रस्तावित है। परिषद ने परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अस्पताल के संचालन में एनडीएमसी का आयुष विभाग संस्थागत भागीदार रहेगा।

एनडीएमसी ने मोती बाग में कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए आधुनिक परीक्षा केंद्र स्थापित करने की योजना को भी आगे बढ़ाया है। प्रस्तावित केंद्र का नाम ‘पालिका आदर्श परीक्षा केंद्र’ होगा। यहां विद्यार्थियों की कंप्यूटर आधारित परीक्षाएं आयोजित की जा सकेंगी।

एनडीएमसी क्षेत्र में इंटेलिजेंट इंटीग्रेटेड पार्किंग सिस्टम के माध्यम से स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था विकसित करने की दिशा में कदम उठाया गया है। इसके लिए दोबारा आरएफपी आमंत्रित करने का प्रस्ताव है। प्रस्तावित व्यवस्था में मोबाइल और डिजिटल माध्यम से पार्किंग की उपलब्धता देखने, बुकिंग और भुगतान की सुविधा होगी। नेविगेशन के जरिए पार्किंग स्थल तक पहुंचने तथा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से निगरानी की सुविधा भी प्रस्तावित है।

कनॉट प्लेस सबवे में बंद पड़े सात एस्केलेटरों को नए हेवी ड्यूटी आउटडोर/पब्लिक सर्विस एस्केलेटर से बदला जाएगा। इसके लिए 6.09 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें स्थापना के बाद एक वर्ष की वारंटी और पांच वर्ष का रखरखाव शामिल होगा। इससे वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

एनडीएमसी में बिजली मीटरिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सेवा प्रदाता नियुक्त किया जाएगा। यह व्यवस्था डीबीएफओओटी मॉडल के तहत लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य बिजली मीटरों की निगरानी और बिजली संबंधी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।

एनडीएमसी अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि पुराने आर.के. आश्रम मार्ग पर नए स्थान पर जल आपूर्ति नियंत्रण कक्ष बनाया जाएगा। वहीं पंडारा रोड के सब-डिवीजन-III क्षेत्र में पुरानी सीआई पानी की पाइपलाइन को नई डीआई पाइपलाइन से बदला जाएगा। इसके अलावा सी-हेक्सागन से लोधी रोड, जाकिर हुसैन मार्ग, गोल्फ कोर्स और सुब्रमण्यम भारती मार्ग तक जाने वाली 2100 मिमी व्यास की पुरानी आरसीसी सीवर लाइन की सफाई और मरम्मत दो चरणों में की जाएगी।

सीवर की सफाई के लिए दो आधुनिक जेटिंग-कम-सक्शन मशीनें खरीदी जाएंगी। इन मशीनों में इस्तेमाल किए गए पानी के पुन: उपयोग की सुविधा होगी। मशीनों का संचालन और रखरखाव सात वर्षों तक किया जाएगा।

एनडीएमसी क्षेत्र में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए ‘नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ठोस कचरा प्रबंधन उपनियम, 2026’ के मसौदे को मंजूरी दी गई है।

द्विवेदी ने बताया कि कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए विभिन्न विभागों में नए पदों और भर्ती नियमों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इनमें हेड वायरमैन, वायरमैन, एयर कंडीशनिंग ऑपरेटर-कम-मैकेनिक, जूनियर इंजीनियर (मैकेनिकल), सहायक निदेशक (राजभाषा), वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी, ऑटो फिटर, सहायक सुरक्षा पर्यवेक्षक और गृह विज्ञान शिक्षक सहित विभिन्न पद शामिल हैं। एनडीएमसी अटल आदर्श विद्यालयों में विभिन्न विषयों के स्नातकोत्तर शिक्षकों के पदों से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है।

इसके अलावा बिजली और पानी की बिलिंग के लिए एसएपी सॉफ्टवेयर के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं को एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक जारी रखने, बस क्यू शेल्टर के निर्माण एवं रखरखाव, एनडीसीसी फेज-II में सुविधा प्रबंधन तथा सिटी गैस वितरण से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

बैठक में परिषद द्वारा पूर्व में मंजूर कार्यों की कार्रवाई रिपोर्ट, मार्च 2024 को समाप्त वर्ष की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट तथा जनवरी से मार्च 2026 के दौरान एनडीएमसी क्षेत्र में कचरा संग्रहण एवं परिवहन पर हुए खर्च का विवरण भी प्रस्तुत किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी