आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को सशक्त बनाने पर विजेंद्र गुप्ता ने दिया जोर

 


नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आंगनवाड़ी को सशक्त बनाने की शुरुआत जमीनी स्तर पर कार्यरत महिलाओं को सशक्त करने से होती है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और उन परिवारों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जिनके लिए ये योजनाएं बनाई गई हैं। उनके योगदान को केवल शब्दों में स्वीकार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसा सार्थक सहयोग प्रदान करना आवश्यक है, जिससे उनकी दैनिक जिम्मेदारियां आसान हो सकें। यह बातें विजेंद्र गुप्ता ने शनिवार को रोहिणी के सेक्टर-8 स्थित अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। यह कार्यक्रम 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत आयोजित किया गया।

इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके क्षेत्रीय कार्यों एवं दैनिक जिम्मेदारियों को सुगम बनाने के लिए बैग और आवश्यक किट वितरित की गईं। “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” थीम के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, प्रारंभिक बाल विकास और परिवार कल्याण के सामुदायिक केंद्रों के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक आवश्यक पोषण एवं कल्याणकारी सेवाएं पहुंचाने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की अपरिहार्य भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ये अग्रिम पंक्ति की कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और पोषण संबंधी सहायता की आवश्यकता वाले परिवारों के लिए संपर्क का पहला माध्यम होती हैं। उन्होंने कहा कि फील्ड किट वितरण का उद्देश्य विशेष रूप से घर-घर जाकर किए जाने वाले संपर्क, सामुदायिक पहुंच और जागरूकता अभियानों सहित उनके दैनिक कार्यों को सुगम बनाना तथा सेवाओं को अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की उनकी क्षमता को सुदृढ़ करना है।

विजेंद्र गुप्ता ने आंगनवाड़ी केंद्रों को सामुदायिक सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी के संस्थानों के रूप में सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था में पोषण और विकास एक स्वस्थ एवं अधिक उत्पादक समाज की नींव रखते हैं। पोषण संबंधी लक्ष्यों को बेहतर ढंग से प्राप्त करने के लिए अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं, परिवारों और स्थानीय समुदायों के बीच घनिष्ठ समन्वय आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पर्याप्त संसाधन और संस्थागत सहयोग प्रदान करना कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच एवं प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

इस कार्यक्रम के माध्यम से पोषण अभियान के उद्देश्यों को पुनः रेखांकित किया गया, विशेष रूप से पोषण संबंधी जागरूकता को बढ़ावा देने, प्रारंभिक बाल देखभाल को सुदृढ़ करने और आंगनवाड़ी केंद्रों के प्रति सामुदायिक स्वामित्व एवं सहभागिता को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया।

विजेंद्र गुप्ता ने दोहराया कि अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के योगदान को सम्मान देना और उन्हें व्यावहारिक सहयोग उपलब्ध कराना यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि पोषण संबंधी पहल महिलाओं और बच्चों के जीवन में वास्तविक एवं सकारात्मक बदलाव ला सकें।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव