अवैध निर्माण और खतरनाक इमारतों पर एमसीडी का सख्त एक्शन, 1,252 पीजी भवनों का सर्वे
नई दिल्ली, 09 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने बुधवार को राजधानी के सभी 12 जोनों में अनधिकृत निर्माण, संपत्तियों के अवैध दुरुपयोग और संरचनात्मक रूप से खतरनाक इमारतों के खिलाफ सघन अभियान चलाया। निगम के अनुसार, एक दिन की कार्रवाई में 34 संपत्तियों का ध्वस्तीकरण और 17 संपत्तियों को सील किया गया। छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर निगम अब तक 1,252 पीजी (पेइंग गेस्ट) भवनों का तकनीकी सर्वे भी कर चुका है।
एमसीडी के दैनिक डिवीजन रिकॉर्ड के अनुसार, 1 जून से 9 सितंबर 2026 के बीच निगम ने कुल 1,053 संपत्तियों का ध्वस्तीकरण किया है और 491 संपत्तियों को सील किया है। इस अवधि में अनधिकृत निर्माण और नियमों के उल्लंघन को लेकर 2,316 संपत्तियों को कारण बताओ नोटिस और 757 को ध्वस्तीकरण नोटिस जारी किए गए हैं।
बुधवार की कार्रवाई में नरेला जोन में छह, साउथ जोन में पांच और सेंट्रल जोन में पांच संपत्तियों का ध्वस्तीकरण किया गया। केशवपुरम और शाहदरा उत्तर जोन में तीन-तीन संपत्तियों पर कार्रवाई हुई। पश्चिमी जोन के विकास नगर स्थित दीप एन्क्लेव पार्ट-II में एक खतरनाक संपत्ति का भी ध्वस्तीकरण किया गया।
सीलिंग अभियान के तहत सिविल लाइंस जोन में संपत्तियों के अवैध दुरुपयोग के कारण वर्धमान मॉल समेत चार संपत्तियों को सील किया गया। इसके अलावा संत नगर ए-1 ब्लॉक एक्सटेंशन में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। सिटी-एसपी जोन के प्रेम नगर और जामा मस्जिद के कला महल इलाके में अनधिकृत निर्माण वाली चार संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
एमसीडी के अनुसार, पीजी भवनों के विशेष सर्वे में अब तक 1,252 इमारतों की तकनीकी जांच की गई है। इनमें 39 इमारतों में मामूली मरम्मत और नौ में बड़े स्तर की मरम्मत की आवश्यकता पाई गई। तीन इमारतों को संरचनात्मक रूप से बेहद खतरनाक श्रेणी में चिन्हित किया गया है। इनमें से एक इमारत को निगम पहले ही ध्वस्त कर चुका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी