युवाओं के मित्र बनें अभिभावक, तभी बचेंगे नशे और वैचारिक प्रदूषण से: विनोद बंसल

 




नई दिल्ली, 02 अगस्त (हि.स.)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने रविवार को कहा कि यदि युवा पीढ़ी को नशे, अवसाद, कुसंस्कृति और वैचारिक प्रदूषण से बचाना है तो अभिभावकों को उनका सच्चा मित्र और मार्गदर्शक बनना होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल अच्छी शिक्षा और नौकरी के लिए तैयार करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से मजबूत, सामाजिक रूप से संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाना भी जरूरी है।

द्वारका स्थित आर्य समाज मंदिर में आयोजित साप्ताहिक वैदिक सत्संग के अंतर्गत 'युवा विमर्श कार्यक्रम' में 'युवा पीढ़ी के विरुद्ध षड्यंत्र और उनके समाधान' विषय पर बोलते हुए विनोद बंसल ने कहा कि आज सोशल मीडिया के कारण युवाओं तक हर प्रकार की जानकारी आसानी से पहुंच रही है। ऐसे में यदि युवा संस्कारों से दूर हो रहे हैं तो इसकी जिम्मेदारी केवल उनकी नहीं, बल्कि अभिभावकों की भी है।

उन्होंने कहा कि माता-पिता को बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए, उन्हें पर्याप्त समय देना चाहिए और उनकी समस्याओं को समझते हुए समाधान निकालना चाहिए। साथ ही उन्हें भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और जीवन मूल्यों से जोड़ने का प्रयास करना चाहिए। बंसल ने कहा कि अभिभावक स्वयं भी बच्चों के लिए सकारात्मक प्रेरणा बनें और उन्हें मोबाइल व इंटरनेट के माध्यम से उपलब्ध उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सामग्री अपनाने के लिए प्रोत्साहित करें।

उन्होंने कहा कि युवाओं में सनातन मूल्यों के प्रति विश्वास मजबूत करना समय की आवश्यकता है, ताकि वे किसी भी प्रकार के बहकावे या भ्रामक प्रचार का शिकार न हों। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने श्रीराम मंदिर, नई पीढ़ी (जैनजी) और धर्मांतरण जैसे विषयों पर श्रोताओं के सवालों के जवाब भी दिए।

इससे पहले दर्शनाचार्य विमलेश आर्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ संपन्न कराया और यजमानों को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम के अंत में आर्य समाज द्वारका के प्रधान सतीश नागपाल और मंत्री विनोद कालरा ने विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ नागरिकों का आभार व्यक्त किया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी