राष्ट्र निर्माण में महिलाओं का योगदान ऐतिहासिक : विजेंद्र गुप्ता

 




नई दिल्ली, 27 जून (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में महिलाओं का योगदान असाधारण और ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने शनिवार को रोहिणी सेक्टर-9 स्थित महाराणा प्रताप कम्युनिटी सेंटर में आयोजित सम्पूर्णा संस्था के बाल संस्कार शिविर–2026 के समापन समारोह, सम्पूर्णा महिला हाट तथा डॉ. शोभा विजेंद्र की पुस्तक शतायु संघ और महिला सहभागिता के परिचय एवं समीक्षा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

कार्यक्रम में राज्यसभा की नव-निर्वाचित सदस्य अधिकारीमयुम शारदा देवी, सम्पूर्णा संस्था की संस्थापक डॉ. शोभा विजेंद्र, संस्था के पदाधिकारी, महिला उद्यमी और बाल संस्कार शिविर के प्रतिभागी उपस्थित रहे।

विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि शतायु संघ और महिला सहभागिता पुस्तक पिछले 100 वर्षों में महिलाओं द्वारा संगठन एवं समाज जीवन में दिए गए योगदान का सजीव दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने अपनी निष्ठा, परिश्रम एवं वैचारिक नेतृत्व के माध्यम से केवल संगठनात्मक कार्यों में सहभागिता ही नहीं निभाई, बल्कि उन्हें सुदृढ़ एवं अधिक प्रभावी बनाने में भी निर्णायक भूमिका अदा की है। उन्होंने महिलाओं के योगदान को असाधारण एवं ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पुस्तक उनके अनुभवों के माध्यम से संगठन एवं समाज निर्माण में महिलाओं की अमूल्य भूमिका को प्रमाणिक रूप से प्रस्तुत करती है।

विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि संघ का दर्शन पुरुष एवं महिला में कोई भेद नहीं करता, बल्कि मातृशक्ति एवं बहनों को समाज सेवा में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति स्वयंसेवक बनता है, तब केवल वही नहीं, बल्कि उसका पूरा परिवार सेवा की भावना से जुड़ जाता है तथा परिवार का प्रत्येक सदस्य अपनी क्षमता के अनुसार संगठन एवं समाज के कार्यों में योगदान देता है।

पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने रोहिणी के प्रत्येक नागरिक से वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा लगाए गए प्रत्येक पौधे को पूर्ण विकसित वृक्ष बनने तक उसका संरक्षण करने का आग्रह किया। उन्होंने वर्षभर में पूरे विधानसभा क्षेत्र में 10,000 पौधे लगाने का लक्ष्य घोषित किया है।

बाल संस्कार शिविर–2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि इस शिविर ने बच्चों को केवल सुखद स्मृतियां ही नहीं दीं, बल्कि उन्हें ऐसे संस्कार, अनुशासन एवं सांस्कृतिक मूल्यों से भी समृद्ध किया है, जो जीवनभर उनका मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने बच्चों, शिक्षकों एवं स्वयंसेवकों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली में 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक के भीषण तापमान के बावजूद प्रतिभागियों ने प्रतिदिन उत्साहपूर्वक शिविर में भाग लिया।

कार्यक्रम में सम्पूर्णा महिला हाट में महिला उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी-सह-सेल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समापन बाल संस्कार शिविर–2026 के प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों एवं महिला उद्यमियों के सम्मान के साथ हुआ।

-----------------

हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव