(लीड) 'वरदान अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव' का शुभांरभ, मुख्यमंत्री बोलीं- अंगदान मानवता की सर्वोच्च सेवा

 


नई दिल्ली, 26 फ़रवरी (हि.स.)। 'वरदान अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव' का शुभांरभ गुरुवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय सूरजमल विहार में हुआ। 26-27 फरवरी को आयोजित इस महोत्सव को दधीचि देहदान समिति एवं संप्रेषण मल्टीमीडिया के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। फिल्म महोत्सव में 67 लघु फिल्म रील और प्रेरणादायक फिल्में शामिल हैं, जो दर्शकों को अंगदान की संवेदनशीलता से रूबरू कराएंगी।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि अंगदान केवल एक चिकित्सीय प्रक्रिया नहीं है, बल्कि किसी को नया जीवन देने का सबसे बड़ा उपहार है। एक व्यक्ति का लिया गया संकल्प अनेक परिवारों के जीवन में आशा की नई किरण ला सकता है। उन्होंने कहा कि अंगदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है और यह जीवन के बाद भी जीवन देने का सबसे पवित्र माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने दधीचि देहदान समिति द्वारा वर्षों से किए जा रहे जन-जागरूकता के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था के स्वयंसेवकों का समर्पण समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। कला और फिल्मों के माध्यम से इस विषय को जन-जन तक पहुंचाने का यह प्रयास निश्चित रूप से अंगदान को जनआंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने दधीचि देहदान समिति की 28 वर्षों की प्रेरणादायी यात्रा को रेखांकित करते हुए धार्मिक और सामाजिक नेतृत्व से आह्वान किया कि वे आगे आकर अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर ने समिति के संस्थापक एवं संरक्षक आलोक कुमार को समाज के लिए प्रेरणा-पुरुष बताया। उन्होंने कहा कि आलोक कुमार जी का अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता का “भागीरथ प्रयास” आज एक नए शिखर पर पहुंचा है। उन्होंने संयुक्त आयोजक संस्था संप्रेषण मल्टीमीडिया के निदेशक अतुल गंगवार को भी सफल आयोजन का श्रेय देते हुए कहा कि बड़े आयोजनों को सहजता और गरिमा के साथ संपन्न करना उनकी विशेषता है।

समारोह के दौरान दधीचि देहदान समिति के संरक्षक आलोक कुमार ने अंगदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए निलेश माडेलवाला को सम्मान-पत्र प्रदान कर अभिनंदित किया और उनके जीवन को समाज के लिए एक जीवंत प्रेरणा बताया। निलेश माडेलवाला ने “वरदान” को अंगदान जागरूकता के अभियान में एक मील का पत्थर करार दिया।

पद्मश्री से सम्मानित अभिनेता मनोज जोशी की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को विशेष ऊंचाई प्रदान की। उनके द्वारा आयोजित मास्टर क्लास ने उपस्थित जनसमुदाय को रोमांच और प्रेरणा से भर दिया।

उद्घाटन समारोह में मरघट वाले बाबा हनुमान मंदिर के प्रमुख महंत वरुण शर्मा, पद्मश्री नृत्यांगना गुरु नलिनी-कमलिनी, उड़ान के अध्यक्ष अनुपम भटनागर उपस्थित रहे।

वरदान अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का उद्देश्य अंगदान और देहदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, सामाजिक भ्रांतियों को दूर करना तथा संवेदनशील विषयों पर सृजनात्मक संवाद स्थापित करना है। दो दिवसीय इस महोत्सव में देश-विदेश की चुनिंदा लघु फिल्मों का प्रदर्शन, संवाद सत्र और विशेष मास्टर क्लास आयोजित किए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव