(लीड) ‘टीबी मुक्त भारत’ जनभागीदारी का राष्ट्रीय अभियान बना : रेखा गुप्ता

 




नई दिल्ली, 04 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘टीबी मुक्त भारत’ केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का राष्ट्रीय अभियान बन चुका है।

प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व ने टीबी उन्मूलन को पूरे देश का जन-आंदोलन बना दिया है और अब प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही इस लक्ष्य को समयबद्ध रूप से प्राप्त किया जा सकेगा। उन्होंने बातें मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित जागरूकता कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कही। इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन ने किया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा टीबी जागरूकता पर आधारित विशेष वीडियो दिखाया गया तथा दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन द्वारा ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ की उपलब्धियों, वर्तमान स्थिति एवं भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री द्वारा टीबी उन्मूलन अभियान से संबंधित विभिन्न सूचना एवं जागरूकता स्टॉलों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने विशेष रूप से ‘निक्षय मित्र’ अभियान से जुड़े स्टॉल का निरीक्षण करते हुए टीबी रोगियों को उपलब्ध कराई जा रही पोषण सहायता, सामुदायिक सहयोग, जनभागीदारी, मरीजों के पुनर्वास और डिजिटल माध्यम से सहयोग उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अभियान की प्रगति, मरीजों तक पहुंच रही सुविधाओं तथा समाज की सहभागिता बढ़ाने के प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की और इस अभियान को प्रत्येक वार्ड, विधानसभा एवं स्थानीय स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस जन-आंदोलन से जुड़ सकें।

इस अवसर पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, सांसद, विधायक, पार्षद, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित टीबी रोगियों की अधिसूचना के लक्ष्य के विरुद्ध दिल्ली प्रतिवर्ष 95 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य प्राप्त करने में सफल रही है। आज टीबी का प्रभावी उपचार उपलब्ध है और समय पर जांच एवं पूरा इलाज कराने से यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है। लेकिन इस लक्ष्य को केवल अस्पतालों और डॉक्टरों के भरोसे प्राप्त नहीं किया जा सकता, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा।

मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में ‘निक्षय मित्र अभियान’ को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अब तक 3,300 से अधिक निक्षय मित्र टीबी मरीजों के सहयोग के लिए सक्रिय रूप से जुड़ चुके हैं। उनके सहयोग से 1.2 लाख से अधिक पोषण आहार (फूड बास्केट) टीबी मरीजों को वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने उद्योगों, व्यापारिक संगठनों, कॉर्पोरेट संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, आरडब्ल्यूए, धार्मिक संस्थाओं एवं आम नागरिकों से भी इस अभियान से जुड़कर निक्षय मित्र बनने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक निक्षय मित्र केवल पोषण सहायता ही नहीं देता, बल्कि मरीज को सम्मान, आत्मविश्वास और यह भरोसा भी देता है कि पूरा समाज उसके साथ खड़ा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार, स्वास्थ्यकर्मियों, जनप्रतिनिधियों और समाज के सामूहिक प्रयासों से दिल्ली टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनेगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने ‘टीबी मुक्त भारत’ के लिए सामूहिक शपथ ली। सभी ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाएंगे, प्रत्येक मरीज को समय पर जांच एवं उपचार उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे, अधिक से अधिक निक्षय मित्र बनाने के लिए समाज को प्रेरित करेंगे और टीबी मुक्त दिल्ली एवं टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि टीबी मुक्त भारत’ का संकल्प केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी से संचालित राष्ट्रीय जनआंदोलन है। इसी उद्देश्य से सांसदों, विधायकों एवं पार्षदों के लिए आयोजित इस जागरूकता कार्यशाला का लक्ष्य जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन अभियान का प्रभावी सहभागी बनाना है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि टीबी का समय पर पता लगने और उपचार पूरा होने पर इसका पूर्ण इलाज संभव है, इसलिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कोई भी व्यक्ति जांच, उपचार या परामर्श से वंचित न रहे। चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ समाज में जागरूकता बढ़ाना, टीबी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना और प्रत्येक मरीज को उपचार पूरा करने के लिए प्रेरित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव