मंत्री सूद ने दिल्ली को ‘सोलर कैपिटल’ बनाने का किया आह्वान
नई दिल्ली, 16 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने बुधवार को सोलर वेंडर्स और संबंधित हितधारकों का आह्वान किया कि वे दिल्ली सरकार के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजधानी को देश की ‘सोलर कैपिटल’ बनाने के लक्ष्य में सहभागी बनें। उन्होंने ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के संबंध में आयोजित सोलर वेंडर्स मीट को संबोधित करते हुए दिल्ली में सौर ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा देने के लिए व्यापक रोडमैप की रूपरेखा प्रस्तुत की।
मंत्री सूद ने कहा की हम दिल्ली को भारत की ‘सोलर कैपिटल’ बनाना चाहते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिस ‘स्केल और स्पीड’ के साथ काम करते हैं, हम भी उनके अनुयायी हैं और उसी गति से काम करने का प्रयास करेंगे। हम इस परियोजना को अधिक से अधिक गति और बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाएंगे।
ऊर्जा मंत्री ने सोलर वेंडर्स और उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया कि दिल्ली सरकार सौर ऊर्जा को अपनाने की प्रक्रिया में आने वाली पारंपरिक बाधाओं को दूर करने और उपभोक्ताओं एवं व्यवसायों के लिए प्रक्रिया को अधिक सरल एवं सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता भी अग्रिम भुगतान करने में हिचकिचाते हैं। इसलिए सरकार ने आपके और उपभोक्ता के बीच इस बाधा को दूर कर दिया है। हम पूरी राशि का भुगतान करेंगे। सरकार इसकी जिम्मेदारी ले रही है।
सूद ने बताया कि योजना के पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिल्ली सरकार के ऊर्जा विभाग द्वारा एक समर्पित पंजीकरण पोर्टल शुरू किया गया है। उन्होंने सोलर वेंडर्स से अपील की कि वे योजना के क्रियान्वयन को और अधिक पारदर्शी, सुगम एवं तेज बनाने के लिए अपने सुझाव और रचनात्मक फीडबैक सरकार के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि यदि आपके पास इस परियोजना को बेहतर तरीके से, अधिक सुगमता के साथ और अधिक गति से लागू करने के लिए कोई सुझाव है, तो आपका स्वागत है।
सौर ऊर्जा के विस्तार के लक्ष्य को रेखांकित करते हुए सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार आने वाले महीनों में लगभग 2.30 लाख सोलर पैनल इंस्टॉलेशन को सुगम बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि अगले छह महीनों में इस पहल के तहत लगभग 2,600 से 2,700 करोड़ रुपये के निवेश/व्यय का अनुमान है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सौर ऊर्जा के बड़े पैमाने पर विस्तार से न केवल स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे दिल्ली की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव