दिल्ली लक्ष्मी योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : सिरसा

 


नई दिल्ली, 10 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा मानसून सत्र के दौरान सोमवार को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना महज एक कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि दिल्ली की महिलाओं को आर्थिक मजबूती और सामाजिक सशक्तिकरण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता केवल दिल्ली लक्ष्मी योजना तक सीमित नहीं है। दिल्ली सरकार ने दुर्गा योजना, पालना योजना और पिंक सहेली कार्ड योजना सहित कई महत्वपूर्ण पहलों को शुरू और सुदृढ़ किया है। बेटियों को मुफ्त साइकिल भी उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा महिलाओं को नाइट शिफ्ट में सुरक्षित तरीके से काम करने के लिए कानूनी प्रावधान भी सुनिश्चित किए गए हैं।

सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की जा रही जनकल्याणकारी और महिला-केंद्रित योजनाओं को लेकर विपक्ष की बढ़ती बेचैनी उसके बयानों और प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि जनता के हित में लागू की जा रही योजनाओं की सराहना करने के बजाय विपक्ष ऐसी योजनाओं में खामियां निकालने और लोगों के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहा है, जो महिलाओं को सशक्त और परिवारों को मजबूत बनाने का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसलिए असुरक्षित हो रहा है क्योंकि दिल्ली की जनता वादों और उनके क्रियान्वयन के बीच का अंतर देख रही है। जैसे-जैसे योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है, वैसे-वैसे विपक्ष भ्रम फैलाने के लिए और अधिक बेचैन होता जा रहा है।

सिरसा ने कहा कि वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने दिल्ली की महिलाओं को लक्ष्मी योजना के तहत 2,500 रुपये प्रतिमाह देने का संकल्प लिया था। इस संकल्प को पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार ने अपने पहले बजट में 5,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। उन्होंने कहा कि यह केवल 2,500 रुपये प्रतिमाह की सहायता नहीं है, बल्कि प्रत्येक पात्र महिला के लिए 30,000 रुपये प्रतिवर्ष की आर्थिक सहायता है। हमने केवल अपना वादा पूरा नहीं किया है, बल्कि अपनी बहनों और बेटियों को वास्तविक आर्थिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए सिरसा ने कहा कि यह विडंबना है कि विपक्ष के विधायक स्वयं दिल्ली लक्ष्मी योजना के आवेदन की प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं और योजना का प्रचार कर रहे हैं, जबकि उनके नेता लगातार इस योजना की आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार अपने कार्यकाल के दौरान महिलाओं के लिए ऐसी कोई महिला केंद्रित योजना लाने में विफल रही। बहन-बेटियों से झूठे वादे करने वाले आज किस मुंह से हमसे सवाल कर रहे हैं, पहले 1,000 रुपये देने का वादा किया, फिर 2,100 रुपये देने का वादा किया…लेकिन एक रुपया तक नहीं दिया।

सिरसा ने महिला कल्याण के मुद्दे पर विपक्ष के रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाया। दिल्ली विधानसभा में चर्चा के दौरान सामने आई कैग रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लाखों बेटियों के लिए लाड़ली योजना के तहत मिलने वाले लाभ लंबित रह गए थे।

सिरसा ने कहा कि वर्तमान दिल्ली सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि पात्र बेटियों को उनका हक और निर्धारित सहायता मिले। उन्होंने कहा कि यही अंतर है केवल महिला कल्याण की बातें करने और वास्तव में अपनी बेटियों और बहनों के साथ खड़े होने में। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली की जनता स्पष्ट रूप से अंतर देख सकती है। हम केवल घोषणाएं करने के लिए नहीं आए हैं, बल्कि जनता से किए गए संकल्पों को पूरा करने के लिए आए हैं। लक्ष्मी योजना दिल्ली की बेटियों और बहनों को आर्थिक रूप से मजबूत, सामाजिक रूप से सशक्त और अपने तथा अपने परिवार के लिए अधिक सुरक्षित भविष्य बनाने में सक्षम बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव