आदर्श नगर में औद्योगिक अवसंरचना और हरित क्षेत्र को मजबूत करेगी सरकार : सिरसा

 


नई दिल्ली, 27 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली के उद्योग, खाद्य एवं आपूर्ति एवं पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुवार को आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक राज कुमार भाटिया के साथ बैठक की। बैठक में आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक अवसंरचना, पर्यावरण संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और हरित क्षेत्र के विस्तार से संबंधित विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई।

बैठक में डीएसआईआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारी, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी स्थित राजस्थान उद्योग नगर से जुड़े प्रतिनिधि तथा वन एवं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। राजस्थान उद्योग नगर, जो लघु एवं मध्यम उद्यमों, कार्यशालाओं, हल्के विनिर्माण और थोक व्यापारिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं वाणिज्यिक क्षेत्र है, वहां अवसंरचना के विकास और रखरखाव से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

राजस्थान उद्योग नगर में डीएसआईआईडीसी द्वारा कराए जा रहे सड़क और वर्षा जल निकासी कार्यों की समीक्षा करते हुए सिरसा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्य टिकाऊ, दीर्घकालिक और स्वीकृत डिजाइन एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप हों।

मंत्री सिरसा ने कहा, “इन अवसंरचना परियोजनाओं पर जनता का पैसा खर्च हो रहा है, इसलिए गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। हमारा उद्देश्य केवल कार्य पूरा करना नहीं, बल्कि ऐसी अवसंरचना तैयार करना होना चाहिए जो वर्षों तक टिकाऊ और सुचारू रूप से कार्य करती रहे। डिजाइन और कार्यान्वयन, दोनों स्तरों पर उचित ऑडिट सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

मंत्री ने अधिकारियों को वर्षा जल निकासी नालों की नियमित सफाई और रखरखाव के लिए एक प्रभावी व्यवस्था विकसित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले अपशिष्ट जल को उचित वैज्ञानिक व्यवस्था के माध्यम से नियंत्रित किया जाना चाहिए तथा वर्षा जल निकासी प्रणाली से उसका जुड़ाव केवल वैज्ञानिक रूप से तैयार व्यवस्थाओं के तहत ही हो। निरीक्षण और निगरानी को सुगम बनाने के लिए इनलेट और आउटलेट बिंदुओं पर उपयुक्त चैंबर की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

औद्योगिक क्षेत्र से संबंधित पर्यावरणीय चिंताओं पर मंत्री सिरसा ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) सहित संबंधित विभागों को प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों और अपशिष्ट के अवैज्ञानिक निपटान की प्रथाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से तारों को जलाने जैसी गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की गई, जिनसे गंभीर वायु प्रदूषण और पर्यावरणीय क्षति हो सकती है।

मंत्री ने कहा कि दिल्ली का औद्योगिक विकास पर्यावरण की कीमत पर नहीं हो सकता। उद्योगों को निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का पालन करना होगा और तारों को खुले में जलाने तथा अपशिष्ट के निपटान के अन्य अवैज्ञानिक तरीकों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीपीसीसी को प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करते हुए जहां भी उल्लंघन पाए जाएं, वहां सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

मंत्री ने विधानसभा क्षेत्र में हरित क्षेत्र के विस्तार की योजनाओं की भी समीक्षा की। चर्चा के दौरान वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और यह निर्णय लिया गया कि उपलब्ध ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों का सर्वे वन विभाग के अधिकारियों और स्थानीय एसोसिएशन के प्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। सर्वेक्षण के आधार पर उपयुक्त स्थानों पर पौधारोपण अभियान की योजना बनाकर उसे क्रियान्वित किया जाएगा।

मंत्री सिरसा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों का विकास पर्यावरणीय सुधार और जनोन्मुखी सार्वजनिक सेवाओं के साथ-साथ होना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को स्थानीय विधायक और हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर बैठक में लिए गए निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा स्थानीय समस्याओं के समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव