बिना उचित सुनवाई के दिल्ली मतदाता सूची से नाम नहीं हटाया जा सकता है : सीईओ
नई दिल्ली, 20 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में नोटिस जारी होने का अर्थ यह नहीं कि उनका नाम दिल्ली की मतदाता सूची से हटा दिए जाएगा। उन्होंने वीआईपी मतदाताओं को नोटिस जारी होने को लेकर साफ किया है कि उपरोक्त श्रेणियों के डेटा को ईसीआईनेट (भारत निर्वाचन आयोग का नया इंटीग्रेटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म) में सुधारने के लिए सिस्टम जनरेटेड नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत 31 लाख से ज्यादा लोगों को नोटिस दिए जाने को लेकर दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्थिति स्पष्ट की। दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने रविवार को एक नोट जारी करते हुए कहा कि दिल्ली की मतदाता सूची में से सुनवाई का अवसर दिए बिना और उचित अपील योग्य आदेश के बिना किसी भी नाम को नहीं हटाया जा सकता है। नोटिस प्राप्त होने पर मतदाता संबंधित ईआरओ/बीएलओ को जवाब और दस्तावेज जमा कर सकते हैं।
साथ ही स्पष्ट किया गया कि ईसीआई द्वारा निर्धारित दस्तावेजों की सूची केवल सांकेतिक है, संपूर्ण नहीं। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपलब्ध दस्तावेजों और बीएलओ की रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक मामले में अंतिम निर्णय लेंगे। नोटिसों का निपटारा एसआईआर के कार्यक्रम के अनुसार 29 अक्तूबर तक पूरा कर लिया जाएगा और मतदाताओं के नाम 4 नवंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव