सिंधु भारत की सभ्यतागत चेतना का जीवंत प्रतीक है: विजेंद्र गुप्ता

 


नई दिल्ली, 23 जून (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को लद्दाख लेह स्थित सिंधु घाट पर आयोजित प्रथम सिंधु कुंभ एवं 30वीं सिंधु दर्शन यात्रा के उद्घाटन समारोह में सहभागिता किया। उन्होंने कहा कि सिंधु केवल एक नदी नहीं है, बल्कि भारत की सभ्यतागत चेतना की जीवंत अभिव्यक्ति है। यह नदी केवल इतिहास में ही नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक आत्मा में भी प्रवाहित होती है। सिंधु से पुनः जुड़ना, उन सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत मूलाधारों से पुनः जुड़ना है, जिन्होंने युगों-युगों से भारत का निर्माण और मार्गदर्शन किया है।

यह छह दिवसीय यात्रा (22 से 27 जून) तक आयोजित देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं, विद्वानों, आध्यात्मिक गुरुओं, जनप्रतिनिधियों तथा भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों का एक विराट समागम बन गई है।

सभा को संबोधित करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह अवसर केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि सिंधु तथा उससे जुड़ी सभ्यतागत विरासत के साथ समाज को पुनः जोड़ने के लिए दशकों से किए जा रहे प्रयासों का साकार रूप है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ सामाजिक नेता इन्द्रेश कुमार ने कई दशकों तक निरंतर प्रयास कर देश का ध्यान सिंधु नदी, उसके ऐतिहासिक महत्व तथा भारत की सांस्कृतिक चेतना में उसके स्थायी स्थान की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि इन सतत प्रयासों ने समाज और राष्ट्र को अपनी उस सभ्यतागत धरोहर से पुनः जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो आज भी भारत की पहचान को आकार देती है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सिंधु राष्ट्र की सामूहिक स्मृति और चेतना में एक विशिष्ट स्थान रखती है। उन्होंने इसे भारत की सभ्यतागत यात्रा का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि यह नदी पीढ़ियों से प्रेरणा का स्रोत रही है तथा आज भी सांस्कृतिक निरंतरता, राष्ट्रीय एकता और साझा विरासत का एक सशक्त प्रतीक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्षों के दौरान सिंधु दर्शन आंदोलन का उल्लेखनीय विस्तार इस बात का प्रमाण है कि नागरिकों में भारत की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने की आकांक्षा निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जो पहल एक सांस्कृतिक अभियान के रूप में प्रारंभ हुई थी, वह आज अपने व्यापक स्वरूप और महत्व के कारण एक बड़े राष्ट्रीय आयोजन का रूप ले चुकी है।

इस अवसर पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों, राजदूतों, जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए गुप्ता ने आयोजनकर्ताओं के प्रति अपनी सराहना व्यक्त की। उन्होंने वर्षों से इस आंदोलन को सशक्त बनाने और उसका विस्तार करने के लिए किए गए उनके समर्पित प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से आयोजन समिति के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयासों ने इस कार्यक्रम की पहुंच को व्यापक बनाया है तथा इसे सांस्कृतिक संवाद, आध्यात्मिक चिंतन और राष्ट्रीय एकता के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में स्थापित किया है।

विधानसभा अध्यक्ष के साथ दिल्ली विधानसभा के सदस्य सूर्य प्रकाश खत्री, संजय गोयल तथा अहीर दीपक चौधरी भी उपस्थित थे। सिंधु दर्शन यात्रा की निरंतर सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए गुप्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों को भारत के सभ्यतागत मूल्यों, सांस्कृतिक परंपराओं तथा आध्यात्मिक विरासत से जुड़े रहने के लिए प्रेरित करती रहेगी।

उद्घाटन समारोह में लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, विभिन्न देशों के राजदूत एवं राजनयिक प्रतिनिधि, विशिष्ट जनप्रतिनिधि, धार्मिक नेता तथा भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी