डेंगू के बढ़ते मामलों पर एमसीडी अलर्ट, स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने की समीक्षा बैठक

 


नई दिल्ली, 09 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने दिल्ली में डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए शुक्रवार को जन-स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में डेंगू की रोकथाम, कीटनाशक दवाओं के भंडार, दवाओं की उपलब्धता तथा फॉगिंग व्यवस्था सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम समयबद्ध तरीके से उठाए जाएं।

स्थायी समिति अध्यक्ष ने आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए मंदिरों एवं रामलीला स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता और मच्छर नियंत्रण व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में आवाजाही होती है, इसलिए आवश्यकतानुसार फॉगिंग कराई जाए और आसपास सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने नवरात्र के दौरान मंदिरों के आसपास मांस की दुकानों को बंद रखने के निर्देशों का भी सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा।

सत्या शर्मा ने घर-घर निरीक्षण अभियान को प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि एमटीएस एवं डीबीसी कर्मचारी नियमित रूप से घरों का निरीक्षण करें और मच्छरों के प्रजनन की संभावित जगहों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि निरीक्षण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो तथा लोगों को मच्छरों से बचाव के प्रति जागरूक भी किया जाए।

उन्होंने जन-स्वास्थ्य विभाग को कीटनाशक दवाओं एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी कमी के कारण रोकथाम संबंधी कार्य प्रभावित न हों। साथ ही, प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार फॉगिंग और एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव नियमित रूप से कराया जाए।

बैठक में एमटीएस कर्मचारियों के समान वेतन से संबंधित विषय की स्थिति की भी समीक्षा की गई। सत्या शर्मा ने अधिकारियों से इस संबंध में हुई प्रगति की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

सत्या शर्मा ने कहा कि डेंगू एवं अन्य मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित निरीक्षण, पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता, समय पर फॉगिंग और विभागीय समन्वय अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और जनस्वास्थ्य से जुड़े इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी