स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने लोहा पुल क्षेत्र में चलाया विशेष स्वच्छता अभियान
नई दिल्ली, 28 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत सोमवार को लोहा पुल क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने यमुना नदी के किनारों तथा पुराने पुल के आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान सत्या शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यमुना नदी के किनारों तथा आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों में नियमित रूप से सफाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्थान पर कूड़ा-कचरा जमा न होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि यमुना के आसपास के क्षेत्रों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के साथ नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
यमुना नदी को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त रखने के उद्देश्य से स्थायी समिति अध्यक्ष ने जोनल उपायुक्त को निर्देश दिए कि क्षेत्र में विशेष कियोस्क स्थापित किए जाएं, जहां नागरिक अपने घरों में रखी पुरानी एवं विसर्जन योग्य देवी-देवताओं की मूर्तियां सम्मानपूर्वक जमा कर सकें।
उन्होंने कहा कि यह पहल दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की पहल के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए यमुना नदी को मूर्ति विसर्जन से होने वाले प्रदूषण से बचाना है।
शर्मा ने कहा कि धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर चलना समय की आवश्यकता है। नागरिकों को ऐसा विकल्प उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिससे वे अपनी आस्था का सम्मानपूर्वक पालन करते हुए यमुना की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे सकें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन कियोस्क के संबंध में उचित जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
निरीक्षण के दौरान स्थायी समिति अध्यक्ष ने क्षेत्र में स्थित एक बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से इसकी स्थिति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि जनहित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक मरम्मत एवं सुविधाएं उपलब्ध कराकर इसे पुनः शुरू किया जाए अथवा आवश्यकता के अनुसार वहां नया शौचालय ब्लॉक स्थापित किया जाए।
सत्या शर्मा ने क्षेत्र में स्थित एक बंद पड़े ढलाव घर का भी निरीक्षण किया। ढलाव घर बंद होने के बावजूद लोग उसके आसपास तथा सड़क किनारे कूड़ा डाल रहे हैं। उन्होंने जोनल उपायुक्त को निर्देश दिए कि मौके पर स्पष्ट सूचना एवं जागरूकता बोर्ड लगाए जाएं, जिन पर यह जानकारी दी जाए कि नया एवं चालू ढलाव घर कुछ ही मीटर आगे स्थित है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को कूड़ा निस्तारण के लिए निर्धारित स्थल की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि सड़क किनारे एवं सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने की समस्या को रोका जा सके।
सत्या शर्मा ने कहा कि ‘स्वच्छता ही सेवा’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि स्वच्छ एवं स्वस्थ दिल्ली के निर्माण का संकल्प है। इसे सफल बनाने के लिए निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यमुना के किनारों को स्वच्छ रखना, मूर्ति विसर्जन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराना, सार्वजनिक शौचालयों को सुचारु रखना और कूड़े के उचित निस्तारण के प्रति नागरिकों को जागरूक करना—इन सभी प्रयासों का उद्देश्य स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण के अनुकूल दिल्ली का निर्माण करना है।
स्थायी समिति अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान सामने आई सभी समस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा जनसुविधा और यमुना संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।
इस अवसर पर पूर्वी जोन (शाहदरा दक्षिण जोन) के उपायुक्त अजहरुद्दीन काजी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी