संस्कृत भाषा और गीता के ज्ञान से नई पीढ़ी को मिलती है राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा : सत्या शर्मा

 


नई दिल्ली, 27 जून (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने शनिवार को वसंत कुंज स्थित संस्कृत भारती गुरुकुल में आयोजित 'गीता शिक्षण केन्द्रस्य अभ्यासवर्ग' कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों और आचार्यों से संवाद करते हुए भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा तथा श्रीमद्भगवद्गीता के अमूल्य ज्ञान पर विस्तार से चर्चा की।

सत्या शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति और संस्कृत भाषा हमारी सभ्यता की अमूल्य धरोहर हैं। श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश आज भी समाज और मानव जीवन के लिए उतना ही प्रासंगिक है, जितना हजारों वर्ष पहले था। उन्होंने कहा कि गीता जीवन में कर्तव्य, नैतिकता और आत्मविश्वास का मार्ग दिखाती है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम केवल धार्मिक या शैक्षणिक आयोजन नहीं होते, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों का विकास होता है और उनमें राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होती है।

स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने संस्कृत भारती गुरुकुल के आचार्यों और आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि संस्कृत भाषा के संरक्षण और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रसार में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्कृत और गीता के अध्ययन को जीवन में अपनाने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी