संजय सिंह ने की दुर्लभ एसएमए टाइप‑1 से जूझ रहे गर्वित की मदद की अपील

 


नई दिल्ली, 16 मई (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने रीढ़ की हड्डी और तंत्रिका तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाली दुर्लभ बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (एसएमए) टाइप‑1 से जूझ रहे असम निवासी मासूम गर्वित की मदद की अपील की। उन्होंने कहा कि गर्वित दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित रेलवे अस्पताल में भर्ती है और जिंदगी‑मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।

संजय सिंह ने शनिवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि गर्वित को जीवन रक्षक जीन थेरेपी इंजेक्शन की जरूरत है, जिसकी कीमत भारत में लगभग 9 करोड़ रुपये है। उन्होंने दवा कंपनी पर ऊंची कीमत वसूलने का आरोप लगाते हुए इसे अमानवीय बताया। उन्होंने कहा कि यह दवा मूल रूप से 17 करोड़ रुपये की है, लेकिन छूट के बाद भी इसकी कीमत सामान्य परिवार की पहुंच से बाहर है।

उन्होंने कहा कि गर्वित के पिता प्रदीप असम से हैं और भारतीय रेलवे में कार्यरत हैं। प्रदीप पहले ही अपना घर और जमीन बेच चुके हैं, लेकिन इंजेक्शन की भारी कीमत के आगे असहाय हैं। सांसद ने कहा कि प्रदीप रेलवे परिवार का हिस्सा हैं और इस कठिन समय में पूरा रेलवे परिवार उनके साथ खड़ा होना चाहिए।

सांसद ने रेलवे के लगभग 14 लाख कर्मचारियों से अपील की कि यदि हर कर्मचारी मात्र 500 रुपये का योगदान दे, तो बच्चे की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह एक मानवीय जिम्मेदारी है और हम सब मिलकर गर्वित को नया जीवन दे सकते हैं। यह केवल एक परिवार की समस्या नहीं है, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है कि किसी मासूम की जिंदगी पैसे की कमी से खत्म न हो।

उन्होंने कहा कि सरकार और दवा कंपनियों को भी इस मामले में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। जीवन रक्षक दवा को इतनी ऊंची कीमत पर उपलब्ध कराना अमानवीय है। यदि दवा कंपनियां मुनाफे के बजाय मानवता को प्राथमिकता दें, तो कई मासूम बच्चों की जिंदगी बचाई जा सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी