छठ पर दिल्ली में बनेंगे 1400 से अधिक घाट, सीएम ने दिए 6 नवंबर तक तैयारी पूरी करने के निर्देश
नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को आगामी छठ महापर्व की तैयारियों को लेकर संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस वर्ष छठ पूजा पर विदेशी राजदूतों और उच्चायुक्तों को भी आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोमवार (16 नवंबर) को अवकाश घोषित करने के संबंध में निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि छठ महापर्व लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि व्रतियों और उनके परिवारों को पूजा के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिले। उन्होंने निर्देश दिए कि पूजा से दो दिन पहले सभी प्रमुख व्यवस्थाएं पूरी होनी चाहिए। इस विशेष बैठक में कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा, छठ पूजा समिति के पदाधिकारी विधायक अभय वर्मा, चंदन कुमार चौधरी, संदीप सहरावत, राजस्व विभाग, दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम, नई दिल्ली पालिका परिषद, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, अग्निशमन सेवा और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष छठ पूजा की शुरुआत 13 नवंबर से शुरू होगी जो 16 नवंबर तक रहेगी। मुख्यमंत्री ने नवंबर में संभावित सर्दी को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में मौसम की परिस्थितियां अलग हैं, इसलिए बड़े और मध्यम आकार के घाटों पर आवश्यकतानुसार पर्याप्त कवर वाले टेंट लगाए जाएं। मंच के पीछे मुख्य पूजा स्थल और अन्य आवश्यक स्थानों पर भी टेंट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बड़े मॉडल घाटों पर आवश्यकता के अनुसार अधिक टेंट लगाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में इस वर्ष छठ पूजा के लिए लगभग 1400 से अधिक घाट बनाए जाने की संभावना हैं। पिछले वर्ष 1326 घाट बनाए गए थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि घाटों की मूलभूत तैयारियां 6 नवंबर तक इस स्तर पर पूरी कर ली जाएं कि बाद में केवल पानी भरने, टेंट लगाने और अंतिम सफाई जैसे कार्य शेष रहें। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र के घाटों का नियमित निरीक्षण करें और कमियों को मौके पर ही दूर कराएं।
बैठक में मुख्यमंत्री ने शौचालयों और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि यह पर्व शुद्धता से जुड़ा है, इसलिए इन सुविधाओं का विशेष ध्यान रखना होगा। उन्होंने संबंधित विभागों को घाटों के साथ-साथ उनके आसपास के पूरे क्षेत्र में स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा संध्या अर्घ्य से पहले, शाम की पूजा के बाद रात में और सुबह उषा अर्घ्य के बाद तत्काल सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए। 15 और 16 नवंबर को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सफाई कर्मचारी और अतिरिक्त टीमें 24 घंटे सक्रिय रहें। पर्याप्त संख्या में बड़े डस्टबिन लगाए जाएं और कूड़ा जमा होने की प्रतीक्षा किए बिना उसे लगातार हटाया जाए।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को घाटों तक पहुंचने वाली सड़कों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रास्तों पर गड्ढे, कंकड़, मलबा या अन्य बाधाएं नहीं होनी चाहिए। सड़कें दुरुस्त हों और धूल-मुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए पानी के छिड़काव की व्यवस्था लगातार की जाए। उपलब्ध स्प्रिंकलर और अन्य मशीनरी का पूरा उपयोग किया जाए। मशीनों को केवल स्टैंडबाय रखने के बजाय आवश्यकता के अनुसार लगातार काम में लगाया जाए। सड़क के बीच बने सेंट्रल वर्ज और मरम्मत स्थलों पर पड़े पुराने पत्थरों तथा मलबे को भी हटाया जाए। मुख्यमंत्री ने घाटों तक आने वाले मार्गों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी रास्ते पर अंधेरा या डार्क स्पॉट नहीं रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बड़े और भीड़भाड़ वाले घाटों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी सुनिश्चित करने तथा दिल्ली पुलिस, जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे घाटों के पास फायर टेंडर तैनात रखने, जबकि ट्रैफिक पुलिस को स्थानीय आयोजकों के साथ समन्वय कर पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन और जरूरत के अनुसार सड़क बंद करने की जानकारी पहले से साझा करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने मॉडल छठ घाटों पर व्यवस्थाएं बेहतर बनाने, प्रमुख घाटों पर मुख्य सड़क से स्पष्ट दिखाई देने वाले स्वागत द्वार लगाने और बड़े मॉडल घाटों पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से छठ पूजा से जुड़ी सामग्री तथा दिल्ली सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के वीडियो लगातार प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। इस वर्ष छठ पूजा पर विदेशी राजदूतों और उच्चायुक्तों को भी आमंत्रित किया जाएगा। इसके लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के समन्वय से सूर घाट या किसी अन्य उपयुक्त और बेहतर तैयार घाट पर आयोजन की संभावना तलाशने के निर्देश दिए गए।
बैठक में छठ पूजा के अगले दिन उषा अर्घ्य के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक अवकाश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोमवार ( 16 नवंबर) को अवकाश घोषित करने के संबंध में निर्देश दिए। बैठक में बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए त्योहार के दौरान रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती हुई भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय के साथ समन्वय पर कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बसों से यात्रा करने वाले लोगों की सुविधा को भी समान रूप से ध्यान में रखा जाए। आईएसबीटी पर आवश्यक सूचना, बैनर और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर सिविल डिफेंस के कर्मियों की मदद ली जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव