जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल सूची से हटाना जनहित में निर्णय, कांग्रेस और आआपा का विरोध राजनीतिक: हर्ष मल्होत्रा

 




नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के दिल्ली पुलिस के फैसले को जनहित में लिया गया निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि दिल्लीवासियों को होने वाली असुविधा और बदलती राजधानी की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और सी.जे.पी. के विरोध को राजनीतिक रूप से प्रेरित और हास्यास्पद करार दिया।

हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का इतिहास प्रदर्शनों के प्रति असहिष्णुता का रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों के दौरान दिल्ली के बोट क्लब पर गौहत्या विरोधी आंदोलन, किसान आंदोलन और राम मंदिर आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठियां और गोलियां चलाई गई थीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1993 तक बोट क्लब प्रदर्शन का प्रमुख स्थल हुआ करता था, लेकिन बाद में कांग्रेस ने वहां प्रदर्शनों पर रोक लगा दी थी।

उन्होंने आम आदमी पार्टी की आपत्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अगस्त 2016 में अपने आवास के पास प्रदर्शन रोकने के लिए एसडीएम से आदेश जारी करवाया था। मल्होत्रा ने इसे प्रदर्शनों के प्रति असहिष्णुता का उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे दलों द्वारा प्रदर्शन स्थल में बदलाव का विरोध करना हास्यास्पद है।

पंजाब की स्थिति का जिक्र करते हुए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वहां कर्मचारियों, छात्रों, व्यापारियों और किसानों सहित विभिन्न वर्गों के लोग अपने मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करते हैं, लेकिन उन्हें पुलिस की सख्ती का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को प्रदर्शनकारियों के अधिकारों पर सवाल उठाने से पहले अपने शासन के रिकॉर्ड पर भी ध्यान देना चाहिए।

मल्होत्रा ने कहा कि वर्ष 1993 से 2026 तक करीब 33 वर्षों में जंतर-मंतर हजारों प्रदर्शनों का गवाह रहा है। हालांकि, दिल्ली के लगातार विस्तार और बढ़ती आबादी के बीच अब यहां होने वाले प्रदर्शनों से आम जनजीवन प्रभावित होता है। ऐसे में दिल्ली पुलिस द्वारा तीन नए प्रदर्शन स्थल निर्धारित करना लोकहित में उठाया गया कदम है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और प्रदर्शन का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ आम नागरिकों की सुविधा और शहर की व्यवस्था का ध्यान रखना भी आवश्यक है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी