रेखा गुप्ता के निर्देश पर सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों की संख्या 22 से बढ़कर हुई 39

 


नई दिल्ली, 04 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर पहली बार राजधानी के सभी 39 सब-डिवीजनों में सब-रजिस्ट्रारों की नियुक्ति रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के जरिए की गई है। सूचना प्रौद्योगिकी की मदद से अपनाई गई इस प्रक्रिया में निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले अधिकारियों के समूह में से तकनीकी तरीके से चयन किया गया।

पोस्टिंग की यह प्रक्रिया अतिरिक्त मुख्य सचिव (सेवाएं) की मौजूदगी में पूरी की गई। सरकार के मुताबिक, इसका उद्देश्य सब-रजिस्ट्रारों की तैनाती में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।

दिल्ली में अब सभी 39 सब-डिवीजनों के अनुरूप 39 सब-रजिस्ट्रार कार्यालय होंगे। इससे पहले राजधानी में केवल 22 सब-रजिस्ट्रार कार्यालय थे। सरकार ने नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 17 नए सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को भी नोटिफाई किया है।

इस व्यवस्था के बाद दिल्लीवासियों को अपने संबंधित क्षेत्र में ही सब-डिविजन और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय की सुविधा मिल सकेगी। इससे पंजीकरण और राजस्व से जुड़े कामों के लिए लोगों को दूर के कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होने की उम्मीद है।

सरकार के अनुसार, सब-रजिस्ट्रार के पद पर नियुक्ति के लिए ऐसे अधिकारियों के समूह का चयन किया गया, जो निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हैं। इनमें बेहतर स्वास्थ्य, पर्याप्त शेष सेवा अवधि और विजिलेंस क्लियरेंस जैसे मानदंड शामिल रहे।

कुछ अधिकारियों को सब-रजिस्ट्रार के पद पर बरकरार रखा गया, जबकि कुछ अधिकारियों को उनके मौजूदा कार्यभार से स्थानांतरित कर नई जिम्मेदारी दी गई।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तकनीक आधारित और पारदर्शी प्रक्रिया से हुई पोस्टिंग पर संतोष जताते हुए नवनियुक्त सब-रजिस्ट्रारों से पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ काम करने की अपील की

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करना है, जिनसे सरकारी कामकाज अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित, प्रभावी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बन सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता और जनसेवा की भावना के साथ करने की अपेक्षा जताई।

रेखा गुप्ता ने कहा कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालय आम लोगों से सीधे जुड़े राजस्व और पंजीकरण संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन करते हैं। ऐसे में सभी 39 सब-डिवीजनों में पदों को भरने और कार्यालयों की संख्या बढ़ाने से इनके कामकाज को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तकनीक के अधिकतम इस्तेमाल, पारदर्शी व्यवस्था और उपयुक्त अधिकारियों की तैनाती से नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। सभी 39 सब-डिवीजनों में सब-रजिस्ट्रारों की नियुक्ति को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी