साउथ-ईस्ट जिले में पुलिस की कार्रवाई, घोषित अपराधी गिरफ्तार, लापता नाबालिग भी बरामद

 


नई दिल्ली, 02 सितंबर (हि.स.)। दक्षिण-पूर्वी जिले में घोषित अपराधियों (पीओ) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दो घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया है। सरिता विहार थाना पुलिस ने तकनीकी निगरानी और लगातार दबिश के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, ये दोनों पिछले छह माह में जिले में गिरफ्तार किए गए 70वें और 71वें घोषित अपराधी हैं।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद उर्फ संजीव (42) और इकराम (60) के रूप में हुई है। विनोद के खिलाफ शकरपुर थाने में वर्ष 2007 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उस पर शिकायतकर्ता को दुर्घटना का शिकार बनाने की साजिश में शामिल होने का आरोप था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, लेकिन मुकदमे की सुनवाई के दौरान वह फरार हो गया। अदालत की ओर से लगातार समन और वारंट जारी किए जाने के बावजूद वह पेश नहीं हुआ। इसके बाद कड़कड़डूमा अदालत ने 30 जुलाई 2024 को उसे घोषित अपराधी घोषित कर दिया था।

वहीं, इकराम के खिलाफ सीमापुरी थाने में वर्ष 2014 में मारपीट और चोट पहुंचाने के संबंध में मामला दर्ज हुआ था। सुनवाई के दौरान वह भी फरार हो गया और अदालत के बार-बार बुलाने के बावजूद पेश नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने 11 जुलाई को उसे घोषित अपराधी घोषित किया था। पुलिस के अनुसार, इकराम को हत्या के एक मामले सहित अन्य मामलों में भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस, संदिग्ध ठिकानों की निगरानी और विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। तकनीकी सुराग मिलने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य मामलों में उनकी संलिप्तता की जांच कर रही है।

ऑपरेशन मिलाप के तहत नाबालिग बरामद

वही, कालिंदी कुंज थाना पुलिस ने ऑपरेशन मिलाप के तहत 29 अगस्त को लापता हुई नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार, नाबालिग के लापता होने की सूचना मिलते ही उसी दिन प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही मोबाइल नंबर, आईएमईआई और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की तकनीकी जांच की गई। तकनीकी जांच से मिले सुरागों के आधार पर संभावित स्थान की पहचान कर पुलिस टीम को वहां भेजा गया, जहां से नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नाबालिग का मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के निर्देश पर उसे वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नाबालिग की तलाश में तकनीकी निगरानी के साथ फील्ड टीम ने लगातार प्रयास किए।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी