मेट्रो लाइन के पास पतंग उड़ाने से बचें, जानलेवा हो सकता है मांझा
नई दिल्ली, 12 अगस्त (हि.स.)। स्वतंत्रता दिवस के आसपास दिल्ली-एनसीआर में पतंगबाजी का उत्साह बढ़ जाता है। ऐसे में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने लोगों से मेट्रो की एलिवेटेड लाइनों के आसपास पतंग नहीं उड़ाने की अपील की है। डीएमआरसी ने चेताया है कि मेट्रो की बिजली लाइनों के संपर्क में आने से हादसा जानलेवा हो सकता है। खासकर धातु वाले मांझे से पतंग उड़ाने वालों के लिए खतरा अधिक है।
डीएमआरसी के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो का नेटवर्क करीब 416 किलोमीटर लंबा है और इसका बड़ा हिस्सा एलिवेटेड है। मेट्रो ट्रेनों को बिजली देने के लिए पटरियों के समानांतर 25 हजार वोल्ट की ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) लाइनें लगी हैं। पतंग की डोर इन तारों में फंसने या चलती ट्रेन के पैंटोग्राफ में उलझने से ओएचई में ट्रिपिंग हो सकती है। इससे मेट्रो सेवा प्रभावित होने के साथ ट्रेन के पैंटोग्राफ और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को भी नुकसान पहुंच सकता है।
डीएमआरसी ने कहा कि ओएचई के सीधे या अप्रत्यक्ष संपर्क में आने से व्यक्ति की जान भी जा सकती है। इसलिए लोगों को मेट्रो लाइनों से दूर खुले स्थानों पर ही पतंग उड़ाने की सलाह दी गई है। खासतौर पर रिहायशी इलाकों से गुजरने वाली एलिवेटेड मेट्रो लाइनों के आसपास पतंगबाजी से बचने को कहा गया है।
यात्रियों की सुरक्षा और मेट्रो सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए डीएमआरसी ने पतंग प्रभावित स्टेशनों के आसपास विशेष टीमें तैनात की हैं। ये टीमें मेट्रो लाइन के आसपास नजर आने वाली पतंग की डोर को तत्काल हटाने का काम करेंगी। साथ ही ट्रेन ऑपरेटरों और स्टेशन कर्मचारियों को भी इन दिनों अतिरिक्त सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी