डीसीपीसीआर के नवनियुक्त अध्यक्ष ओम प्रकाश व्यास ने संभाला कार्यभार

 


नई दिल्ली, 08 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) के नवनियुक्त अध्यक्ष ओम प्रकाश व्यास ने बुधवार को अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान बच्चों के अधिकारों के संरक्षण, उनकी सुरक्षा और उनके समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने व्यास को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके हितों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर केवल नीतिगत निर्णय ही नहीं ले रही है, बल्कि उन्हें प्रभावी ढंग से जमीन पर लागू करने के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। हाल ही में ‘बाल संरक्षण माह’ के अंतर्गत सभी संबंधित विभागों को पॉक्सो अधिनियम के प्रभावी अनुपालन, विद्यालयों में बाल संरक्षण समितियों के गठन, व्यापक जन-जागरूकता अभियान तथा विभिन्न संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आयोग इन प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यभार ग्रहण करने के बाद दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ओम प्रकाश व्यास ने कहा कि मुख्यमंत्री बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, उनके कल्याण और सर्वांगीण विकास को लेकर स्पष्ट और संवेदनशील दृष्टि रखती हैं। मुख्यमंत्री का यही विजन आयोग के कार्यों का मार्गदर्शक बनेगा और उसी के अनुरूप आयोग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। आयोग के सभी सदस्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनके सुरक्षित भविष्य और समग्र विकास के लिए चौबीस घंटे समर्पित भाव से कार्य करने के लिए संकल्पित हैं।

व्यास ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी होने के कारण यहां विकसित होने वाला प्रभावी बाल संरक्षण मॉडल पूरे देश के लिए प्रेरणा बन सकता है। उन्होंने कहा कि आयोग पॉक्सो अधिनियम और बाल अधिकारों से संबंधित सभी वैधानिक प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन, बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों के त्वरित संज्ञान, जन-जागरूकता बढ़ाने तथा शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, दिल्ली पुलिस एवं अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर एक मजबूत बाल संरक्षण तंत्र विकसित करने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करेगा।

व्यास ने कहा कि विद्यालयों में सुरक्षित वातावरण, बाल संरक्षण समितियों की प्रभावी कार्यप्रणाली, बच्चों में सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श, साइबर सुरक्षा, लैंगिक संवेदनशीलता और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने जैसे विषय आयोग की प्राथमिकताओं में शामिल रहेंगे।

इसके साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों, बाल देखभाल संस्थानों तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। आयोग का प्रयास रहेगा कि प्रत्येक बच्चे को ऐसा सुरक्षित, संवेदनशील और सहयोगपूर्ण वातावरण मिले, जहां वह सम्मान के साथ अपने व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास कर सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव