एनएसयूआई ने नॉर्थ कैंपस में निकाली तिरंगा यात्रा, छात्रों ने लिया हिस्सा
नई दिल्ली, 14 अगस्त (हि.स.)। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के नॉर्थ कैंपस में राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में तिरंगा मार्च आयोजित किया। इस मार्च में एनएसयूआई के हजारों सदस्यों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
तिरंगा यात्रा एसओएल गेट से शुरू होकर रामजस चौक पर समाप्त हुआ। छात्रों ने हाथों में तिरंगा लेकर स्वतंत्रता, एकता, लोकतंत्र और संविधान के मूल्यों के समर्थन में नारे लगाए।
इस अवसर पर एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा एवं उन्हें मजबूत करना विश्वविद्यालयों की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय लोकतांत्रिक समाज की नींव हैं। छात्रों को बिना किसी डर के अपनी बात रखने, अपनी आवाज उठाने, सवाल पूछने और विचार-विमर्श में भाग लेने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।
विनोद जाखड़ ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ऐसे संस्थान भी हैं जहां युवा लोकतंत्र, संवैधानिक अधिकार, समानता और असहमति के सम्मान जैसे मूल्यों को सीखते हैं। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ विश्वविद्यालयी वातावरण में संवाद को बढ़ावा दिया जाना चाहिए और अलग-अलग विचारों का सम्मान होना चाहिए।
जाखड़ ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है। लोकतंत्र का अर्थ है कि हर छात्र को अपनी बात रखने, भाग लेने और अपनी आवाज सुने जाने का अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि कैंपस ऐसे स्थान बने रहने चाहिए जहां अलग-अलग विचार एक साथ मौजूद रह सकें और छात्र बिना किसी डर या दबाव के अपनी जायज चिंताओं को उठा सकें।
एनएसयूआई अध्यक्ष ने तिरंगा मार्च के माध्यम से संविधान और देश को एकजुट रखने वाले लोकतांत्रिक मूल्यों के महत्व को भी रेखांकित किया। एनएसयूआई के सदस्यों और छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसरों में छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक स्वतंत्रता की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी