'मेरा कैंपस, मेरा घोषणापत्र' अभियान के तहत डीयू के छात्रों से मिले छह हजार सुझाव: एनएसयूआई
नई दिल्ली, 24 अगस्त (हि.स.)। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) पिछले एक सप्ताह से दिल्ली विश्वविद्यालय में 'मेरा कैंपस, मेरा घोषणापत्र' अभियान चला रहा है और अब तक छात्रों से लगभग 6,000 सुझाव प्राप्त हुए हैं।
अभियान के तहत एनएसयूआई की विभिन्न कॉलेज इकाइयों की टीमें छात्रों से मुलाकात कर रही हैं, उनकी समस्याओं और चिंताओं पर चर्चा कर रही हैं तथा सुझाव पेटियों के माध्यम से उनके सुझाव एकत्र कर रही हैं। छात्रों ने अपने कॉलेजों और दिल्ली विश्वविद्यालय में जिन मुद्दों, समस्याओं और बदलावों को देखना चाहते हैं, उन्हें अपने सुझावों के माध्यम से सामने रखा है।
संगठन ने बताया कि एनएसयूआई सभी प्राप्त सुझावों का विश्लेषण करेगा और छात्रों द्वारा सीधे व्यक्त की गई प्राथमिकताओं, अपेक्षाओं और आकांक्षाओं के आधार पर छात्र-केंद्रित घोषणापत्र तैयार करेगा।
एनएसयूआई मीडिया प्रभारी रवि पांडेय ने कहा कि 'मेरा कैंपस, मेरा घोषणापत्र' छात्रों को एजेंडे के केंद्र में रखने की एक पहल है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में लगभग 6,000 सुझाव प्राप्त होना दर्शाता है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र अपनी आवाज को मजबूती से सामने रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई प्रत्येक सुझाव का विश्लेषण और यह सुनिश्चित करेगा कि अंतिम घोषणापत्र छात्रों की वास्तविक समस्याओं और आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करे। यह घोषणापत्र छात्रों के लिए नहीं, बल्कि छात्रों द्वारा तैयार किया जाएगा।
रवि पांडेय ने बताया कि यह अभियान आने वाले दिनों में भी दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न परिसरों में जारी रहेगा। एनएसयूआई की टीमें अधिक से अधिक छात्रों तक पहुंचकर उनकी चिंताओं और सुझावों को व्यापक छात्र एजेंडे का हिस्सा बनाएंगी। एनएसयूआई का मानना है कि किसी विश्वविद्यालय की प्राथमिकताएं छात्रों के साथ संवाद और उनकी भागीदारी के माध्यम से तय होनी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी