एनएसयूआई अध्यक्ष ने छात्रों की न्यायिक हिरासत पर जताई नाराजगी, रिहाई की मांग

 


नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्र जीशान अहमद और फैजान को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजे जाने की निंदा की है। उन्होंने सरकार से दोनों छात्रों की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज़ उठाना कोई अपराध नहीं है।

जाखड़ ने कहा कि जामिया में छात्रसंघ चुनाव की मांग करना आखिर गुनाह कैसे हो सकता है? छात्रों को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने का पूरा हक़ है। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों की मांग करने वाले छात्रों को जेल भेजना बेहद चिंताजनक है। छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उन्हें हिरासत में लेना लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गंभीर सवाल खड़े करता है।

एनएसयूआई अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने छात्रों के परिजनों और वकीलों को सूचित किए बिना उन्हें अदालत में पेश किया। उन्होंने हिरासत से जुड़ी परिस्थितियों और अपनाई गई कानूनी प्रक्रियाओं की निष्पक्ष एवं पारदर्शी समीक्षा किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है। छात्रों को अपने अधिकारों और मांगों को रखने का अवसर मिलना चाहिए। हिरासत और दमन के जरिए छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

जाखड़ ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया में जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं उठाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर देते हैं। संगठन ने जीशान अहमद और फैजान की तत्काल रिहाई तथा विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव जल्द कराने की मांग की।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी