डीयू के महिला महाविद्यालयों में एनएसयूआई ने ‘सखी’ पहल के तहत मनाया रक्षाबंधन

 


नई दिल्ली, 25 अगस्त (हि.स.)। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के विभिन्न महिला महाविद्यालयों में ‘सखी’ पहल के तहत रक्षाबंधन मनाया और छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस पहल के तहत एनएसयूआई की महिला सदस्यों ने छात्राओं और महिला पुलिसकर्मियों को राखी बांधी।

इस पहल के माध्यम से एनएसयूआई ने स्पष्ट संदेश दिया कि महिला छात्राएं अकेली नहीं हैं। छात्राओं की सुरक्षा और परिसर से जुड़े उनके मुद्दों को उठाने के लिए एनएसयूआई हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि रक्षाबंधन विश्वास, जिम्मेदारी और सुरक्षा का पर्व है। ‘सखी’ पहल के माध्यम से एनएसयूआई दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रत्येक छात्रा को यह विश्वास दिलाना चाहता है कि उनके साथ खड़े हैं। सुरक्षा, गरिमा और सम्मान एनएसयूआई की जिम्मेदारी है और जब भी आवाज उठाने की जरूरत होगी, एनएसयूआई सबके साथ मिलकर संघर्ष करेगा।

उन्होंने कहा कि आज बांधी गई राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि एक संकल्प है कि एनएसयूआई सुरक्षित, समावेशी और सम्मानजनक परिसरों के निर्माण के लिए लगातार काम करेगा। छात्राओं से लेकर महिला पुलिसकर्मियों तक, इस साझा जिम्मेदारी में हर कोई भागीदार है। महिला छात्राओं से जुड़ी हर वास्तविक चिंता को लगातार उठाएंगे और यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे कि वे बिना किसी भय के अपनी पढ़ाई कर सकें।

एनएसयूआई अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल प्रतीकात्मक अवसरों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे निरंतर प्राथमिकता दी जानी चाहिए। संगठन दिल्ली विश्वविद्यालय में महिला छात्राओं की सुरक्षा, गरिमा और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनके साथ सीधे संवाद करता रहेगा और उनकी आवाज को मजबूती से उठाता रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी