गोपाल राय ने नीट पेपर लीक मामले में आंदोलन के दौरान गुजरात में गिरफ्तारियों का किया दावा
नई दिल्ली, 25 जुलाई (हि.स.)। नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे छात्र-युवा आंदोलन के बीच आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने दावा किया है कि गुजरात में प्रदर्शन से पहले और उसके दौरान 245 से अधिक छात्र-युवाओं एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों को हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही हैं।
आआपा के गुजरात प्रभारी गोपाल राय ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि जंतर-मंतर से शुरू हुआ आंदोलन अब देश के विभिन्न राज्यों तक फैल चुका है। उनका आरोप है कि 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और गिरफ्तारियां की गईं। इसके बाद पटना और अब गुजरात में भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
उन्होंने दावा किया कि गांधीनगर में प्रस्तावित कॉकरोच आंदोलन से पहले और उसके दौरान धार्मिक माखुड़िया, पायल साकरिया, बृजराज सोलंकी, युवराज सिंह जडेजा, जिग्साबेन, गौरी देसाई, धर्मेश भंडेरी, निकुंज सावलिया, राहुल भुआ, पीयूष परमार, विनोद परमार, पंकज रंसरिया, हितेशभाई पटेल, विपुल पटेल, घनश्याम झाला, बाबूजी ठाकुर और तेजस गाजीपरा सहित कई नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
गोपाल राय ने दावा किया गया कि गांधीनगर थाने में हिरासत में रखे गए कुछ आंदोलनकारियों ने वहीं भूख हड़ताल शुरू कर दी है। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर वार्ता का आश्वासन दे रही है, जबकि दूसरी ओर विभिन्न राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें तथा गुजरात में हिरासत में लिए गए सभी छात्र-युवाओं और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन को देश के अन्य राज्यों में और व्यापक किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी