साइबर सुरक्षा को लेकर डीयू एवं आई4सी के बीच हुआ समझौता
नई दिल्ली, 13 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) एवं इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) के मध्य सोमवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया।
इस समझौता ज्ञापन पर दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विकास गुप्ता तथा गृह मंत्रालय इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) के निदेशक निशांत कुमार ने हस्ताक्षर किया।
इस अवसर पर डीयू कुलसचिव डॉ विकास गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय साइबर फ्राड के प्रति अपने विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर संजीदा है। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसे मामले आते हैं कि जिनमें कई बार छात्राएं (खासकर कमजोर वर्ग से सबंधित) डिजिटली बुलिंग और डिजिटल फ्राड की शिकार होती हैं। एक छोटी सी गलती बहुत बड़ा नुकसान कर सकती है। ऐसे मामलों को ध्यान में रखते हुए ये एमओयू किया है।
डॉ विकास गुप्ता ने कहा कि इस एमओयू का उद्देश्य दिल्ली विश्वविद्यालय में साइबर अपराध की रोकथाम, साइबर हाइजीन, साइबर जागरूकता, क्षमता निर्माण, शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान, इंटर्नशिप तथा छात्र सहभागिता को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के निदेशक निशांत कुमार ने कहा कि यह साझेदारी दिल्ली विश्वविद्यालय एवं आई4सी की सुरक्षित, जागरूक एवं डिजिटल रूप से सशक्त समाज के निर्माण तथा युवाओं में उत्तरदायी डिजिटल नागरिकता को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
दिल्ली विश्वविद्यालय कंप्यूटर सेंटर के निदेशक प्रो. संजीव सिंह कहा कि इस सहयोग के अंतर्गत साइबर जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं, सेमिनार, हैकाथॉन, छात्र प्रतियोगिताएं, इंटर्नशिप, साइबर वालंटियर कार्यक्रम, अनुभवात्मक शिक्षण तथा यूजीसी द्वारा अधिसूचित साइबर सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता पाठ्यक्रमों के प्रचार-प्रसार सहित विभिन्न संयुक्त गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही, साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में ज्ञान-विनिमय, नवाचार एवं संस्थागत सहयोग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस अवसर पर समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह में डीयू की डीन अकादमिक प्रो. के. रत्नाबली सहित दिल्ली विश्वविद्यालय एवं इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी