एमसीडी ने सभी 12 जोनों में शुरू किया ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान
नई दिल्ली, 17 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने गुरुवार को शहर के सभी 12 जोनों में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान की शुरुआत की। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस मासव्यापी अभियान के तहत स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने, स्रोत पर कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देने, सार्वजनिक स्थलों की सफाई सुनिश्चित करने और स्वच्छता अभियानों में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
अभियान के पहले दिन विभिन्न जोनों में कई स्वच्छता संबंधी गतिविधियां आयोजित की गईं। सेंट्रल जोन के करमपुरा वार्ड में सफाई कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। वहीं, पूर्वी जोन के वार्ड-214, आजाद नगर स्थित मलेरिया कार्यालय में स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं। हेडगेवार अस्पताल, विश्वास नगर में मलेरिया कर्मचारियों ने स्वच्छता की शपथ ली।
इसके अलावा ओखला डंपसाइट पर विशेष कार्यक्रम आयोजित कर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों को वहां चल रहे बायोमाइनिंग एवं बायोरेमेडिएशन कार्यों की जानकारी दी गई। इसमें करीब 50 लोगों ने भाग लिया। इनमें जोन की वार्ड समिति के अध्यक्ष भी शामिल रहे।
पश्चिमी जोन में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान को लेकर वार्ड समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जनभागीदारी को मजबूत करने पर चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों को आरडब्ल्यूए, एमटीए और स्थानीय नागरिकों के साथ समन्वय कर स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
अभियान के दौरान एमसीडी की ओर से ‘सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, झुग्गी बस्तियों, अस्पतालों, पार्कों, डीएमआरसी स्टेशनों, बस अड्डों और रेलवे पटरियों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाए जाएंगे। चिन्हित क्लीनलिनेस टारगेट यूनिट्स को स्वच्छ एवं बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
एमसीडी के अनुसार अभियान के तहत चार-तरफा स्रोत पृथक्करण, होम कम्पोस्टिंग, कचरे का जिम्मेदारीपूर्वक हस्तांतरण, कूड़ा न फैलाने और प्लास्टिक-मुक्त व्यवहार को बढ़ावा दिया जाएगा। खुले में कचरा जलाने के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया जाएगा।
अभियान में जीरो वेस्ट कॉलोनियों के निर्माण और उन्हें मजबूत करने पर भी विशेष जोर रहेगा। एमसीडी के मुताबिक 800 से अधिक कॉलोनियों को पहले ही जीरो वेस्ट कॉलोनी घोषित किया जा चुका है। अभियान के दौरान 400 से अधिक अतिरिक्त कॉलोनियों को जीरो वेस्ट कॉलोनी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा कचरा बीनने वालों को औपचारिक कचरा संग्रहण व्यवस्था से जोड़ने, होटल, ढाबों और फूड स्टॉल्स को स्वच्छता गतिविधियों में शामिल करने तथा सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता और रखरखाव में सुधार के लिए भी कदम उठाए जाएंगे। ओखला, भलस्वा और गाजीपुर डंपसाइटों पर पुनःप्राप्त भूमि के उत्सव कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
वार्ड स्तर पर निरंतर स्वच्छता और प्रभावी कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए ‘स्वच्छता ही सेवा-सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ वार्ड पुरस्कार’ भी प्रदान किया जाएगा। अभियान को एमसीडी के संबंधित विभागों, जोनल टीमों, कचरा संग्रहण एजेंसियों और सहयोगी एजेंसियों के समन्वय से संचालित किया जाएगा।
एमसीडी ने नागरिकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी करने और स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी बनाने की अपील की है। निगम ने नागरिकों से स्रोत पर कचरे का पृथक्करण करने, कूड़ा न फैलाने और कचरा संग्रहण टीमों को जिम्मेदारीपूर्वक कचरा सौंपने का आग्रह किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी