एमसीडी के 1,500 स्कूलों में प्रिंटर वितरण शुरू, टैगोर गार्डन में रोबोटिक्स लैब का उद्घाटन
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के 1,500 विद्यालयों में प्रिंटर वितरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। साथ ही टैगोर गार्डन स्थित निगम विद्यालय में शुक्रवार को रोबोटिक्स लैब का उद्घाटन किया गया। विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए 60 लैपटॉप से लैस ‘साइंस ऑन व्हील्स’ वैन भी शुरू की गई है। इन पहलों का उद्देश्य निगम विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाना और विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक तथा नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मार्गदर्शन, महापौर प्रवेश वाही के सहयोग और शिक्षा समिति के अध्यक्ष एडवोकेट योगेश वर्मा के नेतृत्व में निगम विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा एवं आधुनिक शिक्षण संसाधनों का विस्तार किया जा रहा है। प्रिंटर वितरण की पहल आईडीबीआई बैंक के सहयोग से की जा रही है। इससे शिक्षकों को प्रश्नपत्र, अध्ययन सामग्री और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज तैयार करने में सुविधा मिलेगी।
टैगोर गार्डन स्थित निगम विद्यालय में स्थापित रोबोटिक्स लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, कोडिंग और वैज्ञानिक अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिलेगा। विद्यालय में स्थापित म्यूजियम का अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक लाभ पहुंचाने के लिए भी विशेष रणनीति बनाई जा रही है, जिससे बच्चों में वैज्ञानिक जिज्ञासा और रचनात्मकता को बढ़ावा दिया जा सके।
वहीं, ‘साइंस ऑन व्हील्स’ वैन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न निगम विद्यालयों में पहुंचेगी। इसमें मौजूद 60 लैपटॉप के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल संसाधनों के इस्तेमाल और तकनीक की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। इस पहल से अलग-अलग विद्यालयों के विद्यार्थियों तक आधुनिक शिक्षण सुविधाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सार्वजनिक उपक्रमों के कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत निगम विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की कई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एनएफएल की ओर से 350 ट्री गार्ड, 100 तीन-सीटर लोहे की बेंच, नौ वाटर कूलर और नौ आरओ यूनिट उपलब्ध कराने की योजना है। इसकी प्रस्तावित लागत 20 लाख रुपये है।
इसी प्रकार, आरएफसीएल के सहयोग से 250 तीन-सीटर लोहे की बेंच उपलब्ध कराने की योजना है, जिस पर 25 लाख रुपये खर्च प्रस्तावित हैं। वहीं, एचयूआरएल के माध्यम से 20 वाटर कूलर और 20 आरओ यूनिट उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है, जिसकी लागत 13 लाख रुपये बताई गई है। इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन संबंधित स्वीकृतियों और निर्धारित समयसीमा के अनुसार किया जाएगा। इनका उद्देश्य स्वच्छ पेयजल, बेहतर बैठने की व्यवस्था और हरित वातावरण को बढ़ावा देना है।
शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा एडवोकेट ने कहा कि निगम विद्यालयों में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीक और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना समिति का संकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रिंटर वितरण, रोबोटिक्स लैब और ‘साइंस ऑन व्हील्स’ जैसी पहल से विद्यार्थियों को सीखने के नए अवसर मिलेंगे।
वर्मा ने कहा कि शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। विद्यार्थियों को तकनीक का व्यावहारिक ज्ञान देने और उनकी प्रतिभा विकसित करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि निगम विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार, शिक्षकों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देना शिक्षा समिति की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस दिशा में निगम और सहयोगी संस्थाओं के साथ समन्वय बनाकर कार्य जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी