एमसीडी के 7,603 कर्मचारी होंगे नियमित, कच्चे कर्मियों के आश्रितों को भी मिलेगी नौकरी
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) अगले तीन महीनों में 7,603 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करेगा। इसके साथ ही कच्चे कर्मचारियों की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को भी अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाएगी। महापौर प्रवेश वाही ने सोमवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों में 1,467 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित किया जा चुका है।
सिविक सेंटर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में महापौर प्रवेश वाही, उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा और सदन के नेता जय भगवान यादव ने निगम के फैसलों की जानकारी दी।
महापौर ने बताया कि पिछले दो महीनों में अनुकंपा के आधार पर 109 आश्रितों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब कच्चे कर्मचारियों के निधन पर उनके परिवार के सदस्यों को भी इस व्यवस्था के तहत नौकरी दी जाएगी।
महापौर के अनुसार, दिवाली तक 400 और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने का लक्ष्य है। इससे उनका मासिक वेतन 18,500 रुपये से बढ़कर करीब 50,000 रुपये हो जाएगा। वर्ष 2006 से 2008 के बीच नियुक्त इन कर्मचारियों को लगभग 25 लाख रुपये तक का बकाया एरियर भी मिलने की बात कही गई है।
निगम ने 4,400 बहुकार्यीय कर्मचारियों का वेतन 18,500 रुपये से बढ़ाकर 28,600 रुपये किया है। महापौर ने बताया कि अधिकांश जोनों में वेतन वृद्धि की राशि खातों में पहुंच चुकी है। शेष कर्मचारियों को 23 अक्टूबर को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिए भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा 111 सहायक सफाई निरीक्षकों को पदोन्नत कर सफाई निरीक्षक पद के नियुक्ति पत्र दिए गए हैं।
स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के साथ इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों में लंबे समय से कम वेतन पर काम कर रहे अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के लिए भी निगमायुक्त के साथ चर्चा की जाएगी। उन्होंने निगम के आंतरिक अधिकारियों को पदोन्नति के अवसर देने पर विचार किए जाने की जानकारी भी दी।
निगम ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के 32 वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंडों को जोड़कर 64 वर्ग मीटर तक के मकान बनाने के लिए नक्शों की मंजूरी की प्रक्रिया भी सरल की है। अब ऐसे नक्शों को मंजूरी के लिए स्थायी समिति के पास भेजने के बजाय जोनल स्तर पर ही स्वीकृति दी जा सकेगी। निगम के अनुसार, इससे लंबे समय से लंबित फाइलों के निपटारे में मदद मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी