एमसीडी स्कूलों में 50 हजार नए दाखिले का लक्ष्य, हर स्कूल में लगेंगे पांच स्मार्ट बोर्ड

 


नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की शिक्षा समिति की बैठक में निगम के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों के दाखिले बढ़ाने और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। शिक्षा समिति के अध्यक्ष एडवोकेट योगेश वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 50 हजार नए दाखिलों का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसके तहत प्रत्येक विद्यालय को चालू माह में कम से कम 30 नए बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में स्कूल चलो अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने, बच्चों को नैतिक एवं मूल्य आधारित शिक्षा देने, विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करने, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था सुधारने तथा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने पर विशेष जोर दिया गया। अध्यक्ष ने अधिकारियों को सभी निर्णय निर्धारित समय-सीमा में लागू करने के निर्देश दिए।

बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनमें नैतिक मूल्यों को विकसित करने के उद्देश्य से शिक्षाविदों की एक विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। समिति के गठन का अधिकार शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा को दिया गया है। यह समिति एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

रिपोर्ट में नैतिक मूल्यों, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्यों और अन्य उपयोगी गतिविधियों को विद्यालयी शिक्षा में शामिल करने के सुझाव दिए जाएंगे। रिपोर्ट पर शिक्षा समिति की आगामी बैठक में चर्चा की जाएगी।

निगम के नवनिर्मित विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करने के लिए संबंधित अधिकारियों को अगले महीने के भीतर प्रत्येक संबंधित विद्यालय में पांच-पांच स्मार्ट बोर्ड लगाने, आवश्यक शौचालय व्यवस्था सुनिश्चित करने और नए वाटर कूलर स्थापित करने के निर्देश दिए गए।

योगेश वर्मा ने कहा कि आधुनिक तकनीक, स्वच्छ पेयजल और बेहतर शौचालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण हैं। निगम के विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना समिति की प्राथमिकता है।

विद्यालयों के भवनों, कक्षाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं की मरम्मत में तेजी लाने के लिए शिक्षा समिति ने माइनर रिपेयर फंड जारी करने की प्रक्रिया अगले 15 दिनों के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए। इससे विद्यालयों में जरूरी मरम्मत समय पर कराने और विद्यार्थियों व शिक्षकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

विद्यालयों में साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए लगभग 2,800 मल्टीटास्किंग स्टाफ की भर्ती से संबंधित फाइल पर भी चर्चा हुई। अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर फाइल अगले 15 दिनों के भीतर समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाए, ताकि भर्ती की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में स्वच्छता और बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। इसके लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है।

बैठक में शिक्षकों की ट्रांसफर पॉलिसी में सामने आई विसंगतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षा समिति के अध्यक्ष ने ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश दिए, ताकि स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमबद्ध बनाया जा सके।

समिति ने अब तक किए गए स्थानांतरणों की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। अधिकारियों को प्रत्येक स्थानांतरण का आधार, संबंधित नियम और निर्धारित मानदंडों की जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।

योगेश वर्मा ने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से पारदर्शिता बढ़ेगी, अनावश्यक हस्तक्षेप की संभावनाएं कम होंगी और शिक्षकों को स्पष्ट नियमों के तहत स्थानांतरण का अवसर मिलेगा।

विद्यालयों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने और कूड़े के निस्तारण की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए सभी स्कूलों में एरोबिन अथवा उपयुक्त जैविक कचरा प्रसंस्करण व्यवस्था स्थापित करने पर जोर दिया गया।

इसके माध्यम से विद्यालयों में उत्पन्न जैविक कचरे का परिसर में ही निस्तारण कर उपयोगी खाद तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा। समिति का उद्देश्य विद्यालयों को स्वच्छ, पर्यावरण अनुकूल और जीरो-वेस्ट परिसर के रूप में विकसित करना है।

प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और तेजी लाने के लिए संबंधित विद्यालयों एवं अधिकारियों को फाइलों का संचालन ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से करने के निर्देश दिए गए। साथ ही फाइलों की प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग, समय-सीमा में निस्तारण और अधिकारियों की सेवा संबंधी जानकारी अद्यतन रखने पर जोर दिया गया।

अध्यक्ष ने कहा कि ई-ऑफिस के प्रभावी उपयोग से फाइलों की स्थिति पर निगरानी रखना आसान होगा, अनावश्यक देरी कम होगी और प्रशासनिक कामकाज अधिक सुचारु तरीके से हो सकेगा।

शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने कहा, “हमारा लक्ष्य दिल्ली नगर निगम के विद्यालयों में आमूलचूल परिवर्तन लाना है। हम चाहते हैं कि निगम के विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता, आधुनिक सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा और संस्कारयुक्त वातावरण के मामले में एक नई पहचान स्थापित करें। इसके लिए सभी अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा और प्रत्येक निर्णय को निर्धारित समय-सीमा में लागू करना होगा।”

उन्होंने कहा कि निगम के विद्यालयों को इस स्तर तक विकसित करने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे, जहां अभिभावक अपने बच्चों को गर्व और विश्वास के साथ पढ़ने भेज सकें। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीक, बच्चों के सर्वांगीण विकास और पारदर्शी प्रशासन को केंद्र में रखकर काम किया जाएगा।

बैठक में शिक्षा समिति के सदस्यों ने भी विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। अंत में अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों, प्रभावी निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई से एमसीडी की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक एवं व्यापक बदलाव लाया जा सकेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी