एमसीडी का अवैध निर्माण पर बड़ा अभियान : पांच दिन में 82 संपत्तियां ध्वस्त, 43 सील, दक्षिणी दिल्ली में कार्रवाई तेज
नई दिल्ली, 05 जून (हि.स.)। दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देशों पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने राजधानी में अवैध निर्माण और भवन उपनियमों के उल्लंघन के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए बीते पांच दिन में 82 संपत्तियों को ध्वस्त और 43 को सील किया है। निगम ने सभी 12 जोनों में कार्रवाई करते हुए 150 से अधिक संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी किए हैं।
एमसीडी के अनुसार, एक जून से शुरू हुए अभियान के तहत निगम की टीमों ने दिल्ली पुलिस के सहयोग से विभिन्न इलाकों में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान बुलडोजर की मदद से अवैध ढांचों को हटाया गया तथा भवन नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों को सील किया गया।
दक्षिणी क्षेत्र में निगम ने 12 संपत्तियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की, जबकि 14 अन्य संपत्तियों को सील किया गया। सिविल लाइन्स जोन में सात और नरेला जोन में आठ अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया।
दक्षिणी दिल्ली में विशेष अभियान के दौरान हौज रानी, सैदुलाजाब और खिड़की एक्सटेंशन क्षेत्रों में भवन उप-नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे गेस्ट हाउसों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की पहचान की गई। संयुक्त सर्वेक्षण में हौज रानी में 12 से अधिक, सैदुलाजाब में 32 और खिड़की एक्सटेंशन में नौ ऐसी संपत्तियां चिन्हित की गईं, जहां नियमों का उल्लंघन पाया गया।
एमसीडी ने गुरुवार को हौज रानी में पांच बीएंडबी गेस्ट हाउसों को सील किया। इसके अलावा खिड़की एक्सटेंशन में एक संपत्ति को ध्वस्त कर सील किया गया, जबकि सैदुलाजाब में आठ संपत्तियों के खिलाफ सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
निगम ने बताया कि आने वाले दिनों में सैदुलाजाब की 32 और खिड़की एक्सटेंशन की नौ अन्य संपत्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए संबंधित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।
सावित्री नगर, सैनिक फार्म और खानपुर क्षेत्रों में तीन संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की गई। वहीं गौतम नगर में नियमों के उल्लंघन में संचालित तीन बेसमेंट लाइब्रेरी को भी सील किया गया।
एमसीडी ने कहा कि भवन उपनियमों का उल्लंघन करने वाली व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियों की पहचान के लिए सभी जोनों में सर्वेक्षण जारी है। निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे डीएमसी अधिनियम-1957, मास्टर प्लान-2021 और यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज-2016 के प्रावधानों का पालन करें तथा किसी भी अवैध निर्माण या गतिविधि में शामिल न हों।
निगम ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण और संपत्तियों के दुरुपयोग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा भवन उपनियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी